जयनगर. कमला नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से नदी के बीच में रेत पर उपजाई जा रही मौसमी फलों व सब्जी फसल को नुकसान पहुंचा है. बावजूद इसके किनारे लगी मौसमी सब्जियों को क्षति पहुंची है. बड़ी मात्रा में फसल नदी के पानी में डूब गया हैं. इससे किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है. एक पखवाड़े में तीन बार अचानक नदी में पानी आ जाने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं. एक दो दिन पानी रुकने के बाद स्थिति सामान्य तो हो जाती है लेकिन अचानक जल स्तर बढ़ने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. स्थानीय किसान कमला नदी के गर्भ में हजारों हेक्टेयर में फैले रेत पर बड़ी मात्रा में मौसमी फल व सब्जियों की खेती करते हैं. नवंबर से मई महीने तक का मौसम तरबूज, ककड़ी, खीरा, कद्दू, घीरा, करैला आदि की उपज के लिए अनुकूल होता है. इस दौरान नदी में पानी नहीं रहता. मौसमी फल व सब्जियों का बड़ा बाजार है जयनगर. यहां से राज्य के दूसरे शहरों में भी इसका निर्यात होता है. मौसमी फसल होने के कारण आर्थिक रूप से अच्छी कमाई होती है. नगर पंचायत जयनगर के अंतर्गत वार्ड 7 निवासी किसान बासुदेव पासवान कहते हैं कि विगत कई वर्षों से मौसमी फल व सब्जियों की खेती कर रहा हूं. अभी सब्जियों का निकलना शुरू ही हुआ है. एक पखवाड़े में तीन बार पानी आ गया, इस कारण फसलें डूब गयी हैं.
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