Bihar Health Department: मधुबनी जिले के सरकारी अस्पतालों की तस्वीर बदलने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण स्तर के हेल्थ सेंटर तक के लिए विशेष बजट आवंटित कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने संबंधित अधिकारियों को योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से सभी विकास कार्य कराने का निर्देश दिया है. समीक्षा के दौरान भवनों के रंग-रोगन, खिड़की, दरवाजे, फर्श, शौचालय, जलापूर्ति तथा जलजमाव जैसी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्णय लिया गया है.
Madhubani Hospital Renovation: रंग-रोगन से लेकर पेयजल और टीवी तक की सुविधा
इस विशेष अभियान के तहत जिला अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, एपीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर में व्यापक स्तर पर रंग-रोगन कराया जाएगा. परिसरों में शौचालय, विद्युत व्यवस्था, जलापूर्ति पाइपलाइन और मोटर की आवश्यक मरम्मत होगी. मरीजों और उनके तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त बेंच, कुर्सियां, पंखे और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. जलजमाव वाले स्थानों पर मिट्टी भराई और नाली निर्माण होगा. इसके साथ ही जागरूकता फैलाने के लिए परिसरों में 32 इंच के टीवी लगाए जाएंगे, जिन पर स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े वीडियो दिखाए जाएंगे.
अस्पतालों की श्रेणी के अनुसार फंड का आवंटन
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य संस्थानों को उनके स्तर के अनुरूप धनराशि उपलब्ध करा दी गई है. जिला अस्पताल को 10 लाख रुपये और अनुमंडलीय, रेफरल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 5-5 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं. वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 1.75 लाख रुपये, शहरी पीएचसी को 1 लाख रुपये, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 75 हजार रुपये तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर को 30 हजार रुपये का बजट दिया गया है. इसके अलावा आयुष्मान भारत योजना और डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम के फंड का भी इसमें इस्तेमाल हो सकेगा.
15 सितंबर तक सूची और 31 अक्टूबर तक काम पूरा
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य प्रारंभ करने से पहले प्राथमिकताओं का चयन अनिवार्य है. जिला, अनुमंडलीय और सीएचसी-पीएचसी स्तर पर रोगी कल्याण समिति की कार्यकारी समिति द्वारा प्राथमिकता सूची तैयार कर 15 सितंबर तक शासी निकाय से अनुमोदित कराई जाएगी. वहीं एपीएचसी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर में जन आरोग्य समिति इसे अंतिम रूप देगी. निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वीकृत सभी विकास एवं मरम्मत कार्यों को 31 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से पूरा करने की जिम्मेदारी संबंधित समितियों को सौंपी गई है.
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