Madhubani News : राष्ट्रीय लोक अदालत में पांच सौ मामले का हुआ निबटारा

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया.

मधुबनी. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसका शुभारंभ प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश सैयद मो. फजलुल वाड़ी, डीएएसजे रचना राज, प्राधिकार सचिव संदीप चैतन्य, सीजेएम प्रमोद कुमार महथा, मजिस्ट्रेट दीवानंद झा ने किया. इस दौरान प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आपसी समझौता के आधार पर वादों का त्वरित व सुलभ निबटारा का उत्तम साधन है. इससे पक्षकारों को न्यायालय के जटील प्रक्रिया से नही गुजरना पड़ता है. इसमें सुलहनीय वादों का त्वरित व निःशुल्क निबटारा हो जाता है. इसमें न किसी का जीत होता है और न किसी कि हार होती है. वहीं सीजेएम ने कहा कि लोक अदालत के लिए लोगों को जागरूक होना होगा. आपसी सुलह से जहां लंबित सुलहनीय मामले का त्वरित निबटारा होगा. वहीं इससे पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण बन जाता है. जिससे आपसी शांति बनी रहती है. प्राधिकार सचिव ने कहा कि लोक अदालत कि सबसे बड़ी बात यह है कि इससे मामले का निबटारा होने के बाद अपील नही होता है. साथ ही पक्षकारों को समय और पैसा की बचत होती है. साथ ही पक्षकारों से शांति पूर्वक अपने अपने मामले का निबटारा कराने का आग्रह किया. इस दौरान मौके पर न्यायालय प्रबंधक सरफराज आलम, लोक अदालत कर्मी सुशान्त चक्रवर्ती, संतोष दत्त, संतोष निषांत, राकेश कुमार मेहता , विकास कुमार, दीपक कुमार,किरन कुमार, अशोक ठाकुर, अधिवक्ता कन्हैया जी झा, रामशरण साह, विभूति रंजन, राहुल कुमार, सहित सभी न्यायालय कर्मी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन संतोष निशांत ने किया. लोक अदालत में समझौता के आधार पर कुल 500 मामलों का निपटारा किया गया. जिसमें पक्षकारों से 1 करोड़ 86 लाख 53 हजार 272 रुपये पर समझौता कर 67 लाख 63 हजार 813 रुपये वसूले गये. जहां बैंक से संबंधित 280 मामला सुलहनीय फौजदारी मामलों से संबंधित 146 बिजली से संबंधित 73 मामले समझौता के आधार पर निबटारा किया गया. बैंक के मामले का भी हुआ निबटारा राष्ट्रीय लोक अदालत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 71 मामलों का निबटरा किया. जहां बैंक ऋण धारकों से 49 लाख 65 हजार रुपये पर समझौता कर 38 लाख 96 हजार 300 रुपये वसूे गये. वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने 107 मामलों में 28 लाख 53 हजार 850 रुपये पर समझौता कर 9 लाख 26 हजार वसूल किये गये. इंडियन बैंक में 6 मामलों का निबटारा किया गया. जिसमें पक्षकारों से 70 हजार रुपये पर समझौता कर 28 हजार 800 रुपये वसूले गये. सेंट्रल बैंक ऑफ इण्डिया ने 50 मामलों में 38 लाख 20 हजार 900 रुपये पर समझौता कर 14 लाख 17 हजार 361 रुपये वसूले गये. यूको बैंक से 4 मामलों में 1लाख 60 हजार रुपये पर समझौता कर 36 हजार रुपये वसूले गये. वहीं बिहार ग्रामीण बैंक ने 77 मामलों का निबटारा किया. जिसमें 55 लाख 89 हजार 980 रुपये पर समझौता कर पक्षकार से 28 लाख 37 हजार 240 रुपये वसूले गये. बैंक ऑफ बड़ौदा से 16 मामलों में 10 लाख 36 हजार 500 रुपये पर समझौता कर ऋणधारकों से तत्काल 7 लाख 59 हजार 500 रुपये वसूले गये. वहीं बैंक ऑफ इंडिया से 28 मामलों में 10 लाख 26 हजार 500 रुपये पर समझौता कर 3 लाख 38 हजार वसूले गये. साथ ही अन्य बैंकों की ओर से भी समझौता के तहत मामलों का निबटारा किया गया. सुलहनीय फौजदारी 220 मामलों का हुआ निबटारा लोक अदालत के माध्यम से शनिवार को सुलहनीय फौजदारी के 220 मामलों का निपटारा किया गया. जहां फौजदारी के 146 विद्युत विभाग के 73 मामलों का निबटारा कर 4 लाख 39 हजार 764 रुपये पर समझौता कर वसूल किया गया. परिवार वाद मामले का एक मामलों का, दूरसंचार विभाग 4 मामलों का निबटारा हुआ. जहां पक्षकारों से 15 हजार 441 रुपये पर समझौता किया गया. लोक अदालत में ये थे पदाघिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए पांच बेचों का गठन किया था. जिसमें प्रथम बेंच के पीठासीन पदाधिकारी एडीएसजे द्धितीय रचना राज, द्वितीय बेंच के सीजेएम प्रमोद कुमार महथा, बेंच नंबर तीन में एसडीजेएम सचिन कुमार, बेंच नंबर चार में मुसिंफ अनुष्का चतुर्वेदी, बेंच नंबर पांच में मजिस्ट्रेट दिवानंद झा, पीठासीन पदाधिकारी बनाये गए थे. वहीं सभी बेंच में सदस्य अधिवक्ता मिथिलेश कुमार झा, अजय आनंद, खुशबू कुमारी, रेणु कुमारी मिश्रा, नरेश कुमार भारती बनाये गए थे.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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