रेल विभाग के अधिकारियों ने आरपीएफ एवं झंझारपुर आरएस थाना पुलिस के सहयोग से कैथिनिया गुमती के काली स्थान से स्टेशन जाने वाली अतिक्रमित सड़क को खाली कराया.
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
झंझारपुर. समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ने झंझारपुर स्टेशन का निरीक्षण किया. निरीक्षण से झंझारपुर वासियों को दोहरा फायदा होने का आसार जगा हैं. सोमवार को डीआरएम विनय कुमार श्रीवास्तव ने अतिक्रमण खाली करवाने का आदेश का असर मंगलवार को दिख गया. रेल विभाग के अधिकारियों ने आरपीएफ एवं झंझारपुर आरएस थाना पुलिस के सहयोग से कैथिनिया गुमती के काली स्थान से स्टेशन जाने वाली अतिक्रमित सड़क को खाली कराया. इससे स्थानीय लोगों में काफी खुशी है. अतिक्रमित सड़क के कारण लोगों को लगभग एक डेढ़ किलोमीटर घूमकर स्टेशन पर जाना पड़ता था. अतिक्रमण खाली होते ही इस सड़क का निर्माण भी शीघ्र किए जाने की बात रेल अधिकारियों ने कही. जिससे लोगों को स्टेशन पर जाने में काफी सहूलियत मिल जाएगी. इससे पूर्व रेल विभाग के अधिकारी अतिक्रमण किए हुए लोगों को अपने स्तर से निर्देश दिया. कुछ लोग अपने स्तर से अतिक्रमण को खाली कर लिया. कुछ लोग नहीं खाली कर पाए. जिसे बुलडोजर से तोड़कर खाली कराया गया. स्थानीय लोगों द्वारा डीआरएम एवं वरीय पदाधिकारी को लिखित आवेदन भी दिया गया था. सोमवार को लौकहा स्टेशन के निरीक्षण करने के बाद डीआरएम झंझारपुर पहुंचे. जब स्थानीय लोगों से यह समस्या सुनी. तो वह खुद करीब आधा किलोमीटर पैदल पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया. रेलवे की अतिक्रमित भूमि को 24 घंटे के अंदर खाली करवा लेने का सख्त निर्देश अधिकारियों को दिया. जिसके आलोक में मंगलवार को अतिक्रमित भूमि को रेल विभाग के अधिकारियों द्वारा स्थानीय पुलिस प्रशासन व आरपीएफ के सहयोग से खाली करवाया गया. झंझारपुर आरएस थानाध्यक्ष अरविंद कुमार व आरपीएफ के एसआई विकास कुमार ने कहा कि सड़क निर्माण से आसपास के लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी. डीआरएम को स्थानीय कौशल कुमार, विनय कुमार झा एवं अन्य लोगों ने झंझारपुर-लौकहा पैसेंजर ट्रेन चलाने की मांग रखी. जिस डीआरएम ने एक माह में चलाये जाने की बात कही. डीआरएम ने लोगों को जानकारी दी कि रेल मंत्रालय को समय सारिणी का प्रस्ताव भेजा जा चुका है. वहां से हरी झंडी मिलते ही ट्रेन का परिचालन प्रारंभ कर दी जाएगी. वहीं, बड़े शहर दिल्ली, कोलकात्ता, मुम्बई आदि से ट्रेन परिचालन करने की भी मांग स्थानीय लोगों ने डीआरएम के पास रखी.
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