मधुबनी.
लोकतंत्र के इस महापर्व बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अधिक से अधिक लोग मतदान करें और लोकतंत्र का यह पर्व सफल हो इसको लेकर समाज में जागरूकता का संचार करने के लिए शिक्षाविद एवं समाजसेवी डॉ. रामसेवक झा ने एक अनोखी पहल की है. उन्होंने संस्कृत भाषा के माध्यम से एक प्रेरणादायी अभियान “मतदानं विधीयताम्”(मतदान किया जाए) का शुभारंभ किया है. जिसके द्वारा वे जन-जन को अपने मताधिकार के प्रयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं. डॉ. झा ने बताया है कि मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि नागरिक धर्म भी है. राष्ट्र तथा राज्य की दिशा तय करने में प्रत्येक मत का योगदान अमूल्य होता है. इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपने मत का प्रयोग शत-प्रतिशत करना चाहिए. विगत एक सप्ताह से डाॅ. झा द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर संस्कृत में प्रेरणादायक श्लोकों के माध्यम से लोकतंत्र के महापर्व मतदान में अनिवार्य रूप से भाग लेने का आह्वान कर रहे हैं. साथ ही जिले के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अभियान चलाकर मतदान में स्वयं एवं अपने परिवार के लोगों को अनिवार्य रुप से सम्मिलित होने का आग्रह कर रहे हैं.लोगों को संस्कृत के माध्यम से मतदान के प्रति जागरुक करने का यह प्रयास विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है. संस्कृत वाक्य “मतदानं विधीयताम् इन दिनों लोगों की जुबान पर आ गया है. रामसेवक झा बताते हैं संस्कृत हमारी परंपरा की आत्मा है. यदि सामाजिक संदेश संस्कृत में दिया जाए तो वह न केवल प्रभावी होता है बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना को भी सशक्त करता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
