Madhubani News : छह से 59 माह के बच्चों में एनीमिया दूर करने पर विभाग करेगा फोकस

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की विभागीय कवायद तेज है.

मधुबनी. एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम को प्रभावी बनाने की विभागीय कवायद तेज है. राज्य स्तरीय समीक्षा में जिला 23 वें पायदान पर है. एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के इंडिकेटर जिला पदाधिकारी की मासिक समीक्षात्मक बैठक में विशेष रूप से एजेंडा में शामिल कराने का निर्देश दिया है. इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आइसीडीएस के साथ आइएफए सिरप दवा की डिमांड व आपूर्ति की मासिक मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावे सभी तरह की डिमांड को एचएमआइएस पोर्टल पर प्रविष्टि करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. विजेता सिन्हा ने सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार को पत्र जारी किया है. जिले में एनीमिया के दर को कम करने के लिए एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम संचालित है. इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न आयु समूहों के लाभार्थियों को संबंधित विभागों द्वारा आयरन फोलिक एसिड का सिरप, गुलाबी एवं नीली गोली का अनुपूरण कराया जा रहा है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया की लगभग एक चौथाई आबादी अनीमिया से पीड़ित है. इसमें प्री स्कूल आयु के लगभग आधे बच्चे शामिल हैं. आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया सबसे आम है. बच्चों में एनीमिया से कई बीमारियां हो सकती हैं. इनमे थकान एवं कमजोरी, त्वचा का पीला पड़ना, सांस लेने में तकलीफ, विकास संबंधी समस्याएं आदि हो सकती हैं. एनीमिया की स्थिति गंभीर होने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है. एनीमिया मुक्त भारत के तहत इंडेक्स सभी मानकों को देखकर तैयार किया जाता है. इसमें आईएफए सिरप 6-59 महीने के बच्चों को दो बार प्रदान किया जाता है. आईएफए गुलाबी गोलियां 5-9 साल के बच्चों को दी जाती हैं. आईएफए नीली गोलियां 10-19 साल के किशोरों को दी की जाती है. प्रजनन आयु समूह की महिलाओं को साप्ताहिक रूप से आईएफए लाल गोलियां और गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 180 दिनों के लिए प्रतिदिन आईएफए लाल गोली दी जाती है.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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