Madhubani News : तेज आंधी के साथ हुई बारिश से पानी-पानी हुआ शहर

जिले में मंगलवार की देर रात मौसम के करवट लेने के कारण तेज आंधी के साथ हुई बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया.

मधुबनी

. जिले में मंगलवार की देर रात मौसम के करवट लेने के कारण तेज आंधी के साथ हुई बारिश से पूरा शहर पानी-पानी हो गया. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवा व गरज के साथ बारिश व वज्रपात हुआ. जिससे बुधवार को लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही तापमान का पारा पूर्व की तरह ही रहा. वहीं, घंटों मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई रिहायशी कालोनियों व सड़कों पर जलजमाव के साथ कई घरों में पानी घुस गया है. जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के कारण सदर अस्पताल, महिला कॉलेज रोड, तिलक चौक, बीएन झा कॉलोनी, तिरहुत कॉलोनी, बाटा चौक, बिजली ऑफिस रोड सहित कई सड़कों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. मानसून से पूर्व हुई बारिश ने नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. वहीं मौसम विभाग ने जिला सहित 27 जिलों में बारिश की संभावना जताई है. वहीं, 19 जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है.

राज्य में चल रही हैं नमीयुक्त हवाएं

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दवाब क्षेत्र, पश्चिमी विक्षोभ और एक द्रोणिका के प्रभाव के कारण हो रहा है. दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी से उठा निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है. जिससे नमीयुक्त हवाएं बिहार की ओर आ रही है. साथ ही दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तरी बांग्लादेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है. जिससे राज्य के कई हिस्से में मौसम अस्थिर बना हुआ है.

तेज हवा और वज्रपात का भी खतरा :

जिले में हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. साथ ही वज्रपात और मेघ गर्जन की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, बिजली गिरने से बचने के उपाय अपनाने और खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी है.

तापमान में नहीं दिखेगी बड़ी राहत:

बारिश का असर तापमान पर अधिक नहीं पड़ेगा. जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है. अचानक बदले मौसम के कारण किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर उन जिलों में जहां ओलावृष्टि की संभावना है.

पानी पानी हुआ सदर अस्पताल:

मंगलवार देर रात से शुरू हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा. सदर अस्पताल स्थित टीबी कार्यालय जाने वाली सड़क, प्रसव कक्ष, एनसीडी क्लिनिक में जल जमाव के कारण स्वास्थ्य कर्मी सहित मरीज एवं परिजन हकलान रहे. सबसे अधिक समस्या प्रसव कक्ष में पानी घुसने के कारण मरीजों एवं परिजनों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को हुई. अस्पताल प्रबंधन द्वारा पानी निकासी के लिए सफाई कर्मी को लगाया गया. जिसके बाद प्रसव कक्ष, एनसीडी क्लिनिक में लगे पानी को निकाल दिया गया. एएनएम स्कूल के नए भवन का निर्माण कार्य शुरू की गई है. जलजमाव से निजात के लिए न तो अस्पताल प्रबंधन और ना ही जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्य किया जा रहा है. हालांकि सदर अस्पताल को जल जमाव से निजात दिलाने के लिए डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने पथ निर्माण विभाग को ड्रेनेज सिस्टम सहित सड़क निर्माण का निर्देश दिया गया था. डीएम के निर्देश के आलोक पथ निर्माण प्रमंडल ने प्राक्कलन तैयार कर विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा है. लेकिन निर्देश के दो साल बीतने जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: GAJENDRA KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >