मधुबनी. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन सभी अंगीभूत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रभारी प्रधानाचार्य को विश्वविद्यालय के पूर्वानुमति के बिना महाविद्यालय में दैनिक पारिश्रमिक पर तृतीय वर्गीय एवं चतुर्थवर्गीय कर्मियों की नियुक्ति एवं सेवा लिए जाने के संबंध में कुलपति के आदेश पर कुल सचिव ने सख्त निर्देश दिया है. कुल सचिव ने महाविद्यालय के प्राचार्य को पत्र लिखकर कहा है कि कई महाविद्यालय में दैनिक पारिश्रमिक पर कार्य लिए जाने से संबंधित पारिश्रमिक भुगतान एवं नियुक्ति का मामला विश्वविद्यालय के संज्ञान में आया है. प्रधानाचार्य को किसी भी परिस्थिति में बिना पूर्वानुमति के किसी भी तरह की नियुक्ति या सेवा लेना पूर्णतः अवैधानिक है. कुलसचिव ने कहा है कि सभी तरह की नियुक्तियों पर राज्य सरकार द्वारा रोक लगा दी गयी है. जिसकी सूचना सभी महाविद्यालय को प्राप्त है. ऐसे में महाविद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा अनावश्यक रूप से अवैध नियुक्ति कर एक नवीन समस्या उत्पन्न कर दी जाती है. दैनिक पारिश्रमिक पर रोक के बावजूद प्रधानाचार्य द्वारा नियुक्ति करने के कारण विश्वविद्यालय के लिए एक प्रशासनिक समस्या उत्पन्न की गई है. इस तरह की अवैध नियुक्तियों के लिए संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य जवाबदेह माने जाएंगे.
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