मधुबनी : जिले में 102 एंबुलेंस चालकों के हड़ताल विगत 42 दिन से अब तक जारी है. एंबुलेंस चालकों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. हालांकि अस्पताल प्रशासन ने मरीजों का सहूलियत के लिये 18 निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की है. लेकिन इससे स्थिति सुधर नहीं रही है. सितंबर माह में 102 एंबुलेंस से 866 रोगियों को सुविधा दी गई. वहीं नवंबर माह में महज 284 रोगी को ही लाभ मिल पाया.
क्या है मामला
विभिन्न मांगों को लेकर 102 एंबुलेंस चालक एवं कर्मी विगत 27 अक्तूबर से अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गये. इस बीच जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा कई 102 एंबुलेंस चालकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुखों को दी गई. कई एंबुलेंस चालकों पर प्राथमिकी दर्ज भी की गई. जिसके बाद सभी स्वास्थ्य संस्थानों में भाड़े पर निजी एंबुलेंस रखने का निर्देश दिया गया. जिले के स्वास्थ्य संस्थानों 18 निजी एंबुलेंस भाड़े पर रखा गया है.
कम मरीजों को मिल रहा लाभ
जिला स्वास्थ्य समिति से मिले आंकड़ों के अनुसार हड़ताल के बाद काफी कम संख्या में मरीजों को एंबुलेंस का लाभ मिल पा रहा है. स्वास्थ्य समिति के मासिक प्रतिवेदन के अनुसार माह सितंबर में जिले में चल रहे 27 एंबुलेंस सेवा से 866 रोगियों को एंबुलेंस सेवा मुहैया करायी गयी. जबकि 27 अक्तूबर से 06 दिसंबर तक महज 421 लाभार्थियों को ही एंबुलेंस सेवा मुहैया करायी जा सकी.
800 रुपये हो रहे खर्च
निजी एंबुलेंस पर स्वास्थ्य विभाग हर दिन 800 रुपये खर्च कर रहा है. जिले में कुल 18 निजी एंबुलेंस भाड़े पर लिये गये हैं. हर दिन 14400 रुपये इस मद में भुगतान हो रहे हैं.
