वार्ड नंबर बीस में रिहायशी कॉलोनी व गरीब मजदूरों के रहने वाला घर भी है. हमेशा से ही इस वार्ड को उपेक्षित रखा गया है. चारों ओर गंदगी, जल जमाव की समस्या आम है. नोनिया टोली में आज भी जलजमाव देखे जा सकते हैं. ना तो पेयजल की व्यवस्था है और ना ही रौशनी की.
मधुबनी : रविवार को प्रभात खबर टीम वार्ड नंबर बीस में पहुंची. मुहल्ला था नोनिया टोली. प्रमुख व्यवसाय केंद्र गिलेशन बाजार, नप कार्यालय, बाटा चौक, थाना चौक से सटा. ऐसा लगा मानों शहर के बाहर किसी सुदूर ग्रामीण इलाके में आ गया हो, हर ओर गंदगी का अंबार, जलजमाव. लगा ही नहीं कि यह मुहल्ला नप क्षेत्र के अधीन है. लोगों को तो यह पता तक नहीं है कि इस मुहल्ले की सफाई किसे करनी है. नप से पता किया तो जानकारी मिली कि बीस नंबर वार्ड की सफाई भी एनजीओ के हवाले है.
पर क्या मजाल की यहां पर गंदगी का उठाव किया जाय. ऐसा लगता है मानों इस वार्ड के लोगों ने नप प्रशासन का पूर्व में कुछ बुरा कर दिया है और इसका बदला नप प्रशासन ले रही है. वार्ड के लोगों की दूसरी समस्या पेयजल की है. वार्ड में नप द्वारा लगाया गया एक भी चापाकल नहीं है. आबादी में यह मुहल्ला बहुत आगे है. पर सुविधा नदारद. इसी प्रकार एक भी वेपर लाइट नहीं है. कहने को 27 वेपर लाइट लगाये गये. पर आज किसी भी वेपर लाइट से रौशनी नहीं आ रही है. वार्ड पार्षद अनुजा झा बताती है कि नप के साथ मारपीट तो कर नहीं सकती हैं ना, समस्या के निदान के लिये बार बार कहा गया. पर आज तक किसी भी समस्या के निदान की पहल नहीं हुई. हमेशा ही इस वार्ड को उपेक्षित रखा गया है.
सफाई मुझे मालूम नहीं!
वार्ड के लोगों को सफाई नाम सुनकर भी हैरत होती है. लोग बताते हैं कि इस वार्ड के लोगों को तो यह पता ही नहीं है नप द्वारा सफाई भी करायी जाती है.
जलजमाव से लोगों को होती है परेशानी, नहीं जलती वेपर लाइट
हमें बताएं समस्या
‘प्रभात खबर’ स्कैन टीम आज वार्ड नंबर 21 में रहेगी़ इस दौरान वार्ड की समस्याओं पर टीम फोकस करेगी़ वार्डवासियों से उनकी समस्याओं पर बात होगी़ अगर आपके वार्ड में कोई समस्या है, तो आप हमें व्हाट्सएप करें. हम आपके फोटो के साथ उसे प्रकाशित करेंगे. 9472928085
समस्या की ओर नप का ध्यान नहीं
चार साल में नप को उन्होंने बार बार जनता व क्षेत्र की समस्या से अवगत कराते हुए योजना दी. इसमें नये चापाकल, नाला निर्माण सहित अन्य योजना शामिल है. पर नप प्रशासन को ना जाने क्या परेशानी है, इस वार्ड के विकास को लेकर कोई पहल ही नहीं कर रही है.
अनुजा झा, वार्ड पार्षद
रीता देवी बताती हैं कि ऐसी कोई समस्या नहीं है जो इस वार्ड में नहीं है. बारिश की बात कौन कहे. जाड़े में भी जल जमाव रहती है. ना तो नाला है ना कैनाल से ही हम लोगों को कोई फायदा होती है.
अशोक झा बताते हैं कि ना जाने वार्ड पार्षद, एनजीओ एवं नप प्रशासन में क्या झगड़ा है. इस वार्ड की ओर तो कोई ध्यान ही नही दे रहा है. पेयजल तक की किल्लत है.
छोटू कुमार बताते हैं कि नोनियां टोली घना मुहल्ला है. गरीब तबक के लोग रहते हैं. पर कोई इंतजाम नहीं हो रहा है. पेयजल, रौशनी तक की समस्या है.
कन्हैया कुमार बताते हैं कि चार साल में मात्र दो पीसीसी सड़क बना है. जबकि हजारों रुपये वैपर लाइट के ठीक होने के नाम पर उठाव किया गया है. आज आलम यह है कि एक भी वेपर लाइट ठीक नहीं है.
