परेशानी. नाव के सहारे कटती है हजारों की जिंदगी
झंझारपुर/मधेपुर :कोसी नदी के जलस्तर में तीन दिनों से लगातार कमी आ रही है. भूतही बलान एवं कमला नदी का जलस्तर भी स्थिर है. नदी के जलस्तर में कमी आने से बाढ प्रभावित क्षेत्र के लोग राहत महसूस करने लगे हैं. बकुआ गांव में कोसी नदी का कटाव भी कम हुआ है. पिछले चार दिनों में बकुआ गांव के किसी परिवार का घर नहीं कटा है.हालांकि नदी की धारा के कटाव की स्थिति को देखते हुए गांव के लोग अभी भी सहमे है. बाढ़ के दौरान तेजी से नदी के कटाव को लेकर दर्जनों परिवार पहले ही अपना आशियाना उजाड़कर सुरक्षित स्थलों पर जा चुके हैं. तो आधे दर्जन परिवार कटाव के कारण विस्थापित हो चुके है. इन परिवारों का डेढ दर्जन से ज्यादा घर कटकर नदी में समाहित हो चुका है.
इन गांव के लोगों के अावागमन का एक मात्र सहारा नाव ही बना हुआ है. खासकर गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों को काफी कठिनाई का सामना कर पड़ रहा है.
जानकीनगर गांव के घाट पर बने बांस का बना चचरी पुल बाढ़ के पानी की तेज धारा में बह जाने के कारण द्वालख,जानकीनगर,महपतिया, बरियरवा सहित कई गांव के लोगों को भी आवागमन की राहें कठिन बनी हुई है. इन गांवों के हजारों की आबादी की जिंदगी ठहर सी गयी है. लोगों की दिनचर्या नाव के सहारे ही कटती है.भूतही बलान नदी से प्रभावित मटरस, विशनपुर,श्रीपुर,गोढियारी,कवछुआ आदि गांव के हजारों की आबादी को भी आवागमन की राहें आसान नहीं हो सकी है. कुछ यही हाल कमला नदी से प्रभावित दर्जिया,नवटोलिया आदि गांव के लोगों का है.इन गांव के लोगों की जिन्दगी भी नाव के सहारे ही कटती है. हालांकि अंचल प्रशासन बाढ़ को लेकर पूर्ण गंभीर है. सी ओ राजीव रंजन कुमार श्रीवास्तव बाढ़ प्रभावित मटरस, विसनपुर, बोचही आदि गांवों का सघन दौरा कर चुके है. वही झंझारपुर के डीसीएलआर भी अंचल अधिकारी के साथ इन क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का आकलन किये है.सी ओ आर आर श्रीवास्तव ने बताया कि सभी नदियों के जलस्तर में काफी कमी आयी है.स्थिति पर नजर रखी जा रही है.उन्होंने बताया कि बाढ़ के कारण जहां आवागमन की समस्या उत्पन्न हुई है वहां नाव की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है.सभी घाटों के नाविकों को सतर्क कर दिया गया है. एसडीआरएफ की टीम को भी एलर्ट पर रखा गया है. एसडीओ जगदीश कुमार ने बताया है कि हालात काबू में हैं. कहीं से भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.
