बच्चों का भविष्य अधर में, एक साल से बंद है एमडीएम योजना
हरलाखी : सरकार घर-घर शिक्षा की अलख जलाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन कुछ मुलाजिम सरकार के इस मंसूबे पर पानी फेरने में लगे हुए है. ऐसा ही एक मामला हरलाखी प्रखंड में सामने आया है. क्षेत्र के मध्य विद्यालय फुलहर में प्रभार को लेकर पेच फंसे रहने से विद्यालय में शैक्षणिक माहौल बिल्कुल समाप्त हो चुका है.
विद्यालय में प्रभार के विवाद के कारण करीब एक वर्ष से एमडीएम योजना ठप है. ग्रामीणों ने प्रखंड से लेकर जिला अधिकारी तक से शिकायत करने के बावजूद भी इस विद्यालय की स्थिति सुधारने का नाम नहीं ले रही है.
जानकारी के अनुसार बच्चें अब विद्यालय जाने से कतराने लगे हैं, क्योंकि यह विद्यालय कम और धर्मशाला ज्यादा दिखता है. ग्रामीण रामकृपाल सिंह, रामचंद्र यादव, राम पुकार यादव, प्रमोद साह, विनय कुमार सिंह, मनोज कुमार शर्मा, महेंद्र सदा व मो इब्राहिम ने बताया कि इससे पूर्व में नियोजित शिक्षिका पूनम कुमारी प्रधानाध्यापिका थीं. इन्होंने विद्यालय में अराजकता का माहौल पैदा कर रखा था. हम ग्रामीणों के विरोध किये जाने के बाद बीइओ नवीन कुमार ठाकुर ने उक्त शिक्षिका को पद मुक्त कर दिया.
अबतक प्रभार के दिशा में संबंधित पदाधिकारियों ने कोई ठोस पहल नहीं किये जाने से बच्चों का भविष्य अधर में लटका पड़ा है. ग्रामीणों ने यह भी कहा कि शीघ्र ही यदि इस दिशा में पहल नहीं की जाती है तो वे बीआरसी के समक्ष धरना-प्रदर्शन व अनशन आंदोलन करने को बाध्य होंगे. वहीं, बीइओ नवीन कुमार ठाकुर ने कहा कि जल्द ही प्रभार का मामला सुलझा लिया जायेगा.
