मधुबनी : बाबूबरही प्रखंड में धान अधिप्राप्ति को लेकर फर्जीवाड़ा का खेल खेला जा रहा है. यह किसी शिकायत का हिस्सा नहीं है. बल्कि खुद जिला पदाधिकारी के आदेश पर वरीय उपसमाहर्ता के जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा किया गया है. सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में धान अधिप्राप्ति के लिए अपनायी गयी प्रक्रिया और किसानों को धान प्राप्ति के बाद प्राप्ति रसीद नहीं दिये जाने पर घोर आपत्ति जतायी गयी है.
वरीय उपसमाहर्ता ने मामले से संबंधित जांच रिपोर्ट बुधवार को डीएम को सौंप दी है. प्रेषित रिपोर्ट में प्रखंड मुख्यालय स्थित धान क्रय केंद्र के प्रभारी एवं कार्यपालक सहायक पर गड़बड़ी में संलिप्त होने की बात कह कार्रवाई की अनुशंसा की गयी है.
डीएम के आदेश पर हुई जांच
डीएम ने बाबूबरही प्रखंड में धान प्राप्ति की अनियमितता की शिकायत पर पंचायत वार जांच टीम गठित की थी. वरीय उप समाहर्ता नरेश झा ने बाबूबरही प्रखंड के सोनमती पंचायत के नौ किसानों से पूछताछ व राज्य खाद्य निगम बाबूबरही द्वारा धान क्रय की जांच के बाद जो रिपोर्ट डीएम को भेजा है. वह चौकाने वाले हैं.
संदेह के घेरे में प्रभारी व सहायक
जांच रिपोर्ट में सोनमती पंचायत में हुए अधिप्राप्ति की जांच में कई प्रकार की अनियमितता पायी गयी है. इसमें राज्य खाद्य निगम बाबूबरही की ओर से उपलब्ध कराये गये प्रतिवेदन में सिर्फ कार्यपालक सहायक का हस्ताक्षर हैं. जांच में कहा गया है कि अनियमितता में क्रय केंद्र प्रभारी एवं कार्यपालक सहायक की संलिप्ता से इनकार नहीं किया जा सकता है. यानी केंद्र प्रभारी एवं कार्यपालक सहायक पर स्पष्ट रूप से संदेह किया गया है.
दूसरे के नाम पर दिखाया प्राप्ति
वहीं, किसानों जिनसे धान प्राप्त किया गया, उन्हें धान प्राप्ति के विरुद्ध लाल रंग में प्राप्ति रसीद नहीं दी गयी. एक किसान अमरेश कुमार साह से धान लिए बिना अधिप्राप्ति पंजीमें उनके नाम पर अधिप्राप्ति दिखायी गयी है. एक किसान राम विलास साह जो सोनमती पंचायत के निवासी भी नहीं हैं.
केंद्र पर नहीं थे कागजात
अधिप्राप्ति में उनके नाम का भी जिक्र है. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रय केंद्र पर किसानों के परिचय पत्र, जमीन का रसीद, पासबुक की छाया प्रति अवलोकन के लिये उपलब्ध नहीं कराया गया. यह तो जिले के 21 प्रखंड के एक प्रखंड के एक पंचायत का उदाहरण है. अगर प्रशासन ढंग से सभी पंचायतों की जांच करें, तो बड़े पैमाने पर अनियमितता होने से इनकार नहीं किया जा सकता है.
