मधुबनी : भारतीय जीवन बीमा निगम के नेशनल इश्योरेंस वर्कर्स संघ के आह्वान पर एफडीआइ के विरोध में एलआइसी कर्मचारियों ने एक दिवसीय बंद किया. संघ के सचिव विजय कुमार झा ने बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार की ओर से पारित किया गया एफडीआइ बिल सही नहीं है. इससे इंश्योरेंस पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.
केंद्र सरकार निजी कंपनी को बढ़ावा देने को लेकर यह बिल पास किया है. श्री झा ने कहा कि अगर केंद्र सरकार इसे वापस नहीं लेती है तो जीवन बीमा कर्मी चरणबद्ध आंदोलन करेगी. एफडीआइ के विरोध में भारतीय मजदूर संघ काला दिन के रूप में मनायेगी. संघ द्वारा किये गये हड़ताल के कारण सुदूर देहात से आये बीमा धारक को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. बंदी के कारण सुबह से ही शाखा कार्यालय में ताला लगा रहा.
काम काज पर प्रभाव : इस कारण सोमवार को बीमा धारक का प्रीमियम जमा नहीं हो पाया. एक दिन के बंदी के कारण लगभग 80 लाख रुपये जमा नहीं हो पाया. भारतीय जीवन बीमा के शाखा प्रबंधक सुरेश मिश्र ने बताया कि बंदी से जहां लाखों रुपये का क्षति हुआ है. साथ ही बीमा धारक को भी परिपक्वता रिवाइवल ऋण सहित अन्य काम भी नहीं हो पाया. वहीं एआइइए के सचिव गंगा साफी ने कहा कि केंद्र सरकार एफडीआइ बिल लाकर जीवन बीमा से जुड़े लगभग 40 लाख अभिकर्ता सहित कार्यालय कर्मी प्रभावित होगा. श्री साफी ने कहा कि केंद्र सरकार कर्मचारी विरोधी काम कर रहा है.
झंझारपुर प्रतिनिधि अनुसार, बीमा विधेयक सुधार अधिनियम बिल के विरोध में प्रखंड के बीमा क्षेत्र से जुड़े सभी यूनियन के कर्मचारी एक दिन के सामूहिक हड़ताल पर चले गये. कर्मचारियों ने झंझारपुर आरएस स्थित एलआइसी कार्यालय पर मुख्य गेट को बंद कर भारत सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. हड़ताल में रामानंद चौधरी, अर्जुन ठाकुर, चंदु सौरेन, अमित कुमार, संदीप कुमार, मो इदरीश, अमीर कुमार झा, अशोक साफी, विनोद झा, मायानंद झा, स्वेता कर्ण व राजकुमार झा शामिल थे.
