485 मजदूरों को ही मिला 100 दिन काम

मनरेगा का हाल : मजदूरों के हाथों को काम देनेवाली योजना विफल, नहीं रुक सका पलायन मधुबनी : बिहार में मनरेगा की स्थिति संतोषजनक नहीं है. वहीं, मधुबनी की स्थिति और भी खराब है. चालू वित्तीय वर्ष में जिले में मनरेगा योजना के तहत गरीब जॉब कार्ड धारी को काम मुहैया कराने की योजना पूरी […]

मनरेगा का हाल : मजदूरों के हाथों को काम देनेवाली योजना विफल, नहीं रुक सका पलायन
मधुबनी : बिहार में मनरेगा की स्थिति संतोषजनक नहीं है. वहीं, मधुबनी की स्थिति और भी खराब है. चालू वित्तीय वर्ष में जिले में मनरेगा योजना के तहत गरीब जॉब कार्ड धारी को काम मुहैया कराने की योजना पूरी तरह दम तोड़ चुकी है. स्थिति का आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले के 557859 जॉब कार्डधारी में से मात्र 485 जॉब कार्डधारी को ही 100 दिन का काम मुहैया कराया जा सका है. जबकि इस साल इस योजना में करीब 31 करोड़ रुपये खर्च किये जा चूके हैं.
557859 जॉब कार्डधारी हैं जिले में
जिले में पांच लाख 57 हजार 859 जॉब कार्डधारी हैं. इसमें से एससी की संख्या 130427, एसटी की संख्या 2238 एवं अन्य जॉबकार्ड धारी की संख्या 425194 है. सबसे अधिक जॉबकार्ड धारी लखनौर प्रखंड में हैं. यहां जॉब कार्डधारी की संख्या 47557 है. सबसे कम जॉब कार्डधारी मजदूरों की संख्या कलुआही में है. यहां पर मात्र 12543 जॉबकार्ड धारी ही हैं.
योजना पूरी तरह विफल
चालू वित्तीय वर्ष 2014-15 में मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को 100 दिन का काम मुहैया कराये जाने की योजना पूरी तरह विफल साबित हो चुकी है. वित्तीय वर्ष समाप्त होने की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन काम मुहैया कराने के मामले में यह वित्तीय वर्ष कोई खास उपलब्धि वाला नहीं रहा. हालात यह है कि पांच लाख 57 हजार 859 जॉबकार्ड धारी में से पूरे साल में मात्र 40 हजार 675 को ही काम उपलब्ध कराया गया. इसमें से 485 मजदूर ऐसे भाग्यशाली रहे, जिन्हें 100 दिन का काम दिया गया. एमआइएस रिपोर्ट के अनुसार चालू माह तक 275 मजदूर काम पर जमे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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