प्रमाणपत्र के लिए अब भाग-दौड़ नहीं

मधुबनी : जिले में नि:शक्तों के सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो गया है. इसकी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविका को दी गयी है. आंगनबाड़ी सेविका अपने-अपने पोषक क्षेत्र या वार्ड में जाकर हर विकलांग अथवा नि:शक्त व्यक्तियों का सर्वेक्षण कर एक डाटा बेस तैयार करेंगी. इसमें उस वार्ड के प्रमाणीकृत एवं गैर प्रमाणीकृत दोनों प्रकार के विकलांग […]

मधुबनी : जिले में नि:शक्तों के सर्वेक्षण का कार्य शुरू हो गया है. इसकी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी सेविका को दी गयी है. आंगनबाड़ी सेविका अपने-अपने पोषक क्षेत्र या वार्ड में जाकर हर विकलांग अथवा नि:शक्त व्यक्तियों का सर्वेक्षण कर एक डाटा बेस तैयार करेंगी.
इसमें उस वार्ड के प्रमाणीकृत एवं गैर प्रमाणीकृत दोनों प्रकार के विकलांग शामिल होंगे. इस डाटा बेस में यह भी ब्योरा दिया जायेगा कि किस नि:शक्त को सरकार द्वारा योजना का लाभ मिल रहा है. गुरुवार से इस सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया गया है. इस सर्वेक्षण काम दो जनवरी 2015 तक चलेगा.
शिविर की तिथि तय
जिला प्रशासन ने प्रखंड स्तर पर नि:शक्त को प्रमाणीकरण करने के लिए विशेष शिविर का आयोजन करने के लिए तिथि का निर्धारण कर दिया है. इसके तहत 15 जनवरी से 10 फरवरी तक प्रखंड स्तर पर शिविर का आयोजन किया जायेगा. इसके साथ ही प्रखंड स्तर पर छूट गये एवं रेफर किये गये नि:शक्त के प्रमाणीकरण के लिए 12 से 14 फरवरी तक शिविर का आयोजन किया जायेगा.
जिला स्तर पर भी लगेगा शिविर
यदि किसी कारण वश कोई नि:शक्त व्यक्ति प्रखंड स्तरीय शिविर में उपस्थित होने से वंचित रह जाते हैं. वैसे नि:शक्त के लिए जिला स्तर पर शिविर का अलग से आयोजन किया जायेगा. इस शिविर से पूर्व प्रखंड प्रशासन को जिला को यह आंकड़ा उपलब्ध कराना होगा कि उनके प्रखंड का कितने विकलांग शिविर में आने से वंचित रह गये.
90 हजार 500 हैं जिले में नि:शक्त
2011 के जनगणना के अनुसार जिले में अभी 90 हजार 500 नि:शक्त हैं. इसमें से 25 हजार 667 विकलांगों को प्रमाण पत्र निर्गत किया गया है. उन्हें सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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