चावल उठाव की गति धीमी

मधुबनी : दिसंबर माह शुरू हो गया है. एक सप्ताह बीत भी गया है, लेकिन मध्याह्न् भोजन के चावल के उठाव की गति अभी भी काफी धीमी है. अगर 25 दिसंबर 2014 तक चावल का उठाव नहीं हुआ तो यह लैप्स कर जायेगा. जिले में मध्याह्न् भोजन योजना के अंतर्गत 44 हजार 680 क्विंटल चावल […]

मधुबनी : दिसंबर माह शुरू हो गया है. एक सप्ताह बीत भी गया है, लेकिन मध्याह्न् भोजन के चावल के उठाव की गति अभी भी काफी धीमी है. अगर 25 दिसंबर 2014 तक चावल का उठाव नहीं हुआ तो यह लैप्स कर जायेगा. जिले में मध्याह्न् भोजन योजना के अंतर्गत 44 हजार 680 क्विंटल चावल का उठाव करना था, लेकिन तीन दिसंबर 2014 तक सिर्फ 18 हजार 397 क्विंटल चावल का ही उठाव हो सका है.
नहीं मिल रही उपयोगिता
मध्याह्न् भोजन बनाने के समय टोपी एवं एप्रन का प्रयोग करेगी. पर समय से उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण असमंजस की स्थिति है. कुल 3014 स्कूलों के लिए टोपी व एप्रन निर्गत की गयी थी, लेकिन दो दिसंबर 14 तक 670 स्कूलों का ही उपयोगिता प्रमाण पत्र मिल सका है. अधिकांश स्कूलों में मध्याह्न् भोजन बनाने के समय रसोइया टोपी व एप्रन में नजर नहीं आती हैं.
स्टोरेज बिन का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी अभी तक शत प्रतिशत प्राप्त नहीं हो सका है. स्टोरेज बीन मद में वर्ष 2012-13 में 910 स्कूलों में और 2013-14 में 1948 स्कूलों को राशि निर्गत की गयी थी. कुल 2858 स्कूलों को स्टोरेज बीन के लिये राशि निर्गत की गई थी. पर 1477 स्कूलों का ही उपयोगिता 2 दिसंबर 2014 तक मिला है. अभी भी 1381 स्कूलों का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है. ट्रक उपयोगिता प्रमाण पत्र 3014 स्कूलों में सिर्फ 1567 का मिला है. 1447 का उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है.
निरीक्षण की गति धीमी
जिले में नवंबर माह में 630 स्कूलों में मध्याह्न् भोजन योजना का निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजना था, लेकिन नवंबर 2014 में 474 स्कूलों के निरीक्षण से संबंधित प्रतिवेदन ही प्राप्त हो सका है. दिसंबर माह में निर्धारित स्कूलों का निरीक्षण करने का लक्ष्य है. निरीक्षण प्रतिवेदन साक्ष्य सहित होगा, ताकि अनियमितता संबंधी मामले में संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई हो सके. अनियमितता वाले स्कूलों का क्रास जांच प्रभारी पदाधिकारी मध्याह्न् भोजन योजना करेंगे.
99 स्कूलों में नहीं चला मध्याह्न् भोजन
सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले में 99 स्कूलों में मध्याह्न् भोजन नहीं चला, लेकिन गैर सरकारी सूत्रों का कहना है कि एमडीएम नहीं चलाने वाले स्कूलों की संख्या कहीं ज्यादा है. जिला मुख्यालय स्थित गदियानी मिडिल स्कूल में पिछले कई सालों से एमडीएम बंद है. ग्रामीण क्षेत्र में भी कई स्कूलों में चोरी छिपे मध्याह्न् भोजन बंद रखे जाने का आरोप गैर सरकारी सूत्र लगाते हैं. जबकि स्पष्ट आदेश है कि वैसे सभी स्कूल जिसमें अधिक लंबे समय से मध्याह्न् भोजन का संचालन नहीं हो रहा है. वहां इसका संचालन कराने की दिशा में पहल की जायेगी. यह भी आदेश है कि अगर मध्याह्न् भोजन का संचालन नहीं हो पाता है तो उन स्कूलों के प्रधानाध्यापक या प्रभारी प्रधानाध्यापक को डीएम की समीक्षा बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करायी जायेगी. दिसंबर 2014 में प्रखंड स्तरीय संचालन सह अनुश्रवण समिति का गठन एवं बैठक होना है.
खुलेगा जन धन योजना का खाता
जिले में कार्यरत सभी रसोइयों का बैंक खाता प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खुलेगा. रसोइयों की कुल संख्या सरकारी सूत्रों के अनुसार 10 हजार 260 है. जहां खाता संचालन में कठिनाई होगी वहां प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी(बीइओ) सहयोग करेंगे. दिसंबर 2014 तक खोले गये बैंक खाता को एमआइएस में अपलोड करेंगे. यह काम इसी माह में हर हाल में पूरा कर लेना है.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला पदाधिकारी गिरिवर दयाल सिंह का कहना है कि ज्ञापांक 1273 दिनांक पांच दिसंबर 2014 के माध्यम से कहा है कि जिस स्कूल में मध्याह्न् भोजन नहीं चल रहा है उसकी सूची एसडीओ, बीडीओ व प्रखंड शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध करायी जायेगी, ताकि मध्याह्न् भोजन योजना शुरू की जा सके. सभी प्रयासों के बाद मध्याह्न् भोजन शुरू नहीं होने पर उन स्कूलों के हेडमास्टर को समीक्षा बैठक में आना होगा.

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