पशुओं का भी बनेगा आधार कार्ड, डाटा बेस होगा तैयार

मधुबनी : आम लोगों की तरह अब पशुओं का भी आधार कार्ड बनेगा. इस कार्ड के बनने के साथ ही पशुओं को ऑन लाइन डाटा बेस बनाया जायेगा ताकि किसानों को कई प्रकार की सुविधा मुहैया हो सके. विभाग का मानना है कि इस पहल से किसानों को अपने पशुओं को ऑन लाईन खरीद बिक्री […]

मधुबनी : आम लोगों की तरह अब पशुओं का भी आधार कार्ड बनेगा. इस कार्ड के बनने के साथ ही पशुओं को ऑन लाइन डाटा बेस बनाया जायेगा ताकि किसानों को कई प्रकार की सुविधा मुहैया हो सके. विभाग का मानना है कि इस पहल से किसानों को अपने पशुओं को ऑन लाईन खरीद बिक्री करने में सहूलियत होगी साथ ही पशु की टीकाकरण एवं कृमिनाशक दवाओं से डिवमिंग के साथ ही नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन क्षमता की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा.

इस अभियान की शुरूआत जनवरी के प्रथम सप्ताह से होने की संभावना जतायी जा रही है. जिला पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पशुओं की कुल संख्या करीब सात लाख चार हजार है. विभाग का कहना है कि इस नियम के बाद से पशुओ की चोरी पर लगाम लग सकता है.
किसान के नाम से जुड़ेगा पशु का नाम : बिहार सरकार के द्वारा पशु संजीवनी योजना के तहत अन्य राज्यों की तरह ही बिहार में भी पशुओं की सुरक्षा एवं संख्या की बढ़ोतरी को लेकर नया कानून बनाया गया है. जिला पशुपालन पदाधिकारी राम शंकर झा ने बताया कि जैसे लोगों को आधार कार्ड बनाया गया, उसी तरह से पशु का भी आधार बनेगा. श्री झा ने बताया कि जिस तरह से प्रत्येक व्यक्ति के पहचान के लिये सरकारी एवं ग्रामीण स्तर पर उसके नाम से जाना जाता है.
उसी तरह अब पशु को भी किसान के नाम के साथ उस पशु का पूरा व्यौरा जोड़ा जायेगा. इसमें पशुओं के नश्ल, प्रकार सहित अन्य जानकारी उपलब्ध होगी. यानी पशु के आधार के साथ ही उस किसान का भी आधार का नंबर दिया रहेगा जिस किसान के पास में पशु है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले कुछ माह में जिले के सभी पशुओं को विभाग के द्वारा टैग की प्रक्रिया शुरु कर दी जायेगी.
उसके बाद उसका डेटा बेस तैयार कर उसको ऑनलाइन किया जायेगा.अब किसी पशु को किसी प्रकार की सरकारी सुविधा तभी दिया जायेगा. जब उस पशु का पंजीकरण या टैगिंग किया रहेगा. जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि अब जिस पशु को विभाग के द्वारा टैग कर दिया जायेगा, उस पशु की टीकाकरण एवं कृमिनाशक दवाओं से डिवमिंग के साथ ही नस्ल एवं दुग्ध उत्पादन क्षमता की जानकारी भी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा.
फसल बीमा की तरह ही होगा पशु बीमा. अब फसल बीमा की तरह ही पशु बीमा भी चालू होगा. पशु बीमा को सुचारु रूप से पूरा करने को टैगिंग सिस्टम को अपडेट करना जरूरी है. जिस पशु को टैग सिस्टम से जोड़ दिया जायेगा उस पशु की चोरी नहीं होगी. इतना ही नहीं टैग किया गया पशु को ऑन लाइन खरीद बिक्री भी हो सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >