बर्निंग ट्रेन बनने से बची जानकी एक्सप्रेस, टला हादसा
खजौली : जयनगर से कटिहार जाने वाली जानकी एक्सप्रेस ट्रेन शनिवार की सुबह बर्निंग ट्रेन होते -होते बच गयी. ट्रेन के चार बोगी के निचले हिस्से से आग की लपटे उठती रही और ट्रेन अस्सी किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ती रही. इस बात की जानकारी न तो ट्रेन के गार्ड को हो सका और न […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
खजौली : जयनगर से कटिहार जाने वाली जानकी एक्सप्रेस ट्रेन शनिवार की सुबह बर्निंग ट्रेन होते -होते बच गयी. ट्रेन के चार बोगी के निचले हिस्से से आग की लपटे उठती रही और ट्रेन अस्सी किलोमीटर की रफ्तार से दौड़ती रही. इस बात की जानकारी न तो ट्रेन के गार्ड को हो सका और न ही किसी यात्री या चालक को. पर खजौली स्टेशन के एएसएम की सूझबूझ से यह हादसा टल गया.
किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई. जानकारी के अनुसार जयनगर से शनिवार की अहले सुबह 4 बजकर चालीस मिनट पर जानकी एक्सप्रेस ट्रेन 15284 कटिहार के लिए खुली. ट्रेन करीब अस्सी किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी.
जयनगर से खुलने के बाद यह ट्रेन अठारह मिनट बाद यानी की 4 बजकर 58 मिनट पर क्रॉस की. यहां पर ट्रेन का ठहराव नहीं था. पर स्टेशन पर उस समय ड्यूटी कर रहे एएसएम मनोज कुमार की नजर बीच के तीन चार बोगी के निचले हिस्से (चक्का के उपर ) से आग की लपटें पर पड़ी. ट्रेन आगे निकल चुकी थी. मनोज कुमार ने तत्काल इसकी सूचना अगले स्टेशन राजनगर को दी.
यहां यह बता दें कि ट्रेन का ठहराव राजनगर स्टेशन भी नहीं था. खजौली स्टेशन के एएसएम मनोज कुमार ने बताया है कि उन्होंने जब आग की लपटें उठते देखा तो इसकी सूचना राजनगर स्टेशन को दी.
9.25 किलोमीटर दूर है राजनगर .जानकारी के अनुसार खजौली से राजनगर की दूरी 9.25 किलोमीटर है. ट्रेन के खजौली क्रॉस करने के बाद जैसे ही घटना की सूचना राजनगर स्टेशन अधीक्षक को मिली उन्होंने तत्काल स्टेशन पर लाल सिगनल दिया. खजौली से करीब 19 मिनट बाद 5 बजकर 17 मिनट पर ट्रेन राजनगर पहुंची.
ट्रेन का ठहराव नहीं होने पर भी राजनगर में लाल सिगनल देकर ट्रेन रोके जाने का कारण चालक या गार्ड नहीं समझ सके. बाद में स्टेशन मास्टर ने उन्हें ट्रेन में आग लगने की जानकारी दिया. इसी स्टेशन पर आग को बुझाया गया. 11 मिनट बाद 5 बजकर 28 मिनट पर ट्रेन को रिलीज किया गया.
इस संबंध में खजौली स्टेशन अधीक्षक एस के पांडेय ने बताया है कि एएसएम की सूझबूझ से हादसा टला है. निश्चय ही एसएसएम ने तत्परता दिखायी. यदि अगले स्टेशन को सूचना देने में लापरवाहीबरती जाती तो कुछ अनहोनी हो सकता था.