अतिक्रमण ने रोका सफाई का काम
डीएम का आदेश नहीं मान रहे लोग
मधुबनी : जिलाधिकारी के आदेश की विभागीय अधिकारी अवहेलना कर रहे हैं. डीएम ने बीते करीब दो माह पहले शहर में सड़कों व नालों पर गिट्टी बालू रखने के मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे बालू गिट्टी को जब्त करते हुए संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई किये जाने का आदेश भी जारी किया था. पर दो माह बीत जाने के बाद आज तक इस पर कुछ नहीं हुआ. न तो बालू गिट्टी हटाया गया और न ही कोई कार्रवाई हुई.
शहर की जल निकासी की लचर व्यवस्था और सड़कों व नालों पर अतिक्रमण नाला सफाई में बाधा उत्पन्न कर रहा है. जिससे इस बार की बारिश के दौरान कई मुहल्लों के जलमग्न होने की आशंका जतायी जा रही है.
हल्की सी बारिश शहर को लबालब कर देती है. हालांकि नगर परिषद प्रशासन ने सफाई के मद्देनजर बरसात पूर्व नालों एवं कैनालों की सफाई करा रही है. पर नाला व सड़कों के अतिक्रमण रहने से सफाई में बाधा उत्पन्न कर रही है. शहर के कई नालों को लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है. वहीं कही नाले के ऊपर तो कहीं सड़कों पर ही भवन निर्माण सामग्री बालू, गिट्टी व ईंट रखा है. जिससे सफाई में रूकावट आ रही है. 13 मई को डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने शहर में स्वच्छता जागरूकता अभियान की शुरुआत की थी. उस समय उन्होंने नगर परिषद प्रशासन को निर्देश दिया था कि ऐसे लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाय. जो नाला का अतिक्रमण कर रखे हैं या फिर सड़क पर भवन निर्माण सामग्री रखे हैं. पर दो महीना बीत जाने के बावजूद न ही अतिक्रमण हटाया गया और न ही किसी पर कार्रवाई हुई है.
20 मिनट में सड़क लबालब
मॉनसून दस्तक दे चुका है. 15 से 20 मिनट की बारिश में शहर की सड़क लबलबा कर जाता है. पिछले साल की बारिश को लोग भूल नहीं पाये हैं. हाल बेहाल हो गया था. पर अब तक इससे निजात पाने के दिशा में आज तक कुछ पहल नहीं किया गया. पिछले एक साल में न ही किसी नाला को अतिक्रमण मुक्त किया गया है और न ही इसकी सफाई की तरकीब निकाली गयी है. शहर के महिला कॉलेज रोड, बड़ी बाजार, बाटा चौक, नीलम चौक, शंकर चौक आदि जगहों पर नाला पर अतिक्रमण बना हुआ है.
एक भी नाला नहीं हुआ अतिक्रमणमुक्त मुक्त
पिछले साल शहर में जल जमाव के बाद जिला प्रशासन से लेकर नगर परिषद प्रशासन ने जल निकासी के लिए मैराथन बैठक चली थी. इसके निदान के लिए कई पहल भी शुरू हुई. 103.64 करोड़ से कैनालों की पक्कीकरण की योजना स्वीकृत हुई . पर यह योजना शुरू होने में कुछ समय लग सकता है. यह बात एकदम सही है कि इस बरसात में इस योजना से कोई लाभ नहीं मिलने वाला है.
सवाल उठता है कि इस बरसात फिर डूबेगा शहर. हालांकि 13 मई 2018 को डीएम ने स्वच्छता जागरूकता अभियान के तहत शहर के नालों को अतिक्रमण कराने का निर्देश दिया था. पर एक भी नाले को अब तक अतिक्रमण मुक्त नहीं किया जा सका. विभागीय अधिकारी डीए के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं. शहर से मिली जानकारी के अनुसार शहर के गांधी चौक, महिला कॉलेज रोड, सुभाष चौक सहित कई जगहों पर अब भी गिट्टी बालू के ढेर हैं.
