पांच दिनों तक रहेगी िबजली की किल्लत

मधुबनी : गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की आंख मिचौनी से उपभोक्ता परेशान हैं. पिछले एक सप्ताह से मधुबनी मुख्यालय के चारों फीडर में लो वोल्टेज रहने से उपभोक्ता को काफी परेशानी हो रही है. बुधवार को सुबह 8 बजे से 1 बजे दिन तक बिजली गुल रहने के कारण मुख्यालय के 20 हजार […]

मधुबनी : गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की आंख मिचौनी से उपभोक्ता परेशान हैं. पिछले एक सप्ताह से मधुबनी मुख्यालय के चारों फीडर में लो वोल्टेज रहने से उपभोक्ता को काफी परेशानी हो रही है. बुधवार को सुबह 8 बजे से 1 बजे दिन तक बिजली गुल रहने के कारण मुख्यालय के 20 हजार उपभोक्ता को गर्मी में परेशान होना पड़ा.
विभाग द्वारा बताया जा रहा है कि दरभंगा ग्रिड में गड़बड़ी होने के कारण पांच मेगावाट बिजली की आपूर्ति कम की गयी. यह परेशानी एक दिन की नहीं है. आने वाले पांच दिन तक और इस परेशानी से लोगों की फजीहत हो सकती है.
नहीं मिल रहा पॉवर. विद्युत विभाग के सहायक अभियंता गौरव कुमार ने बताया कि बुधवार को दरभंगा ग्रिड सब स्टेशन से सुबह में सिर्फ 5 मेगावाट बिजली दिया गया. जिस कारण बुधवार को सुबह से लेकर दिन के 1 बजे तक इमरजेंसी लाइन को छोड़कर बाकी तीन फीडर में बिजली सेवा को बंद रखना पड़ा. श्री कुमार ने बताया कि मधुबनी पॉवर ग्रिड को दरभंगा पॉवर ग्रिड से बिजली आपूर्ति की जाती है. लेकिन, बुधवार अचानक दरभंगा पॉवर ग्रिड में गड़बड़ी होने के वजह से सप्लाई नहीं हो पाया. जिस कारण लाइन बाधित रहा. श्री कुमार ने बताया कि 1 बजे दिन से मुख्यालय के चारों फीडर को एक साथ चालू कर दिया गया.
कैसे मिलता है बिजली. सहायक विद्युत अभियंता ने बताया कि मधुबनी पॉवर ग्रिड स्टेशन को दरभंगा पॉवर ग्रिड से 1 लाख 32 हजार पॉवर मिलता है. मधुबनी ग्रिड से फिर 33 हजार पावर विभिन्न पावर सब स्टेशन को दिया जाता है. पावर सब स्टेशन से फिर 11 हजार घरेलू उपयोग के लिए ट्रांसफॉर्मर तक दिया जाता है, और ट्रांसफॉर्मर लाइन को कनवर्ट कर 220 से 280 वोल्ट पॉवर उपभोक्ता को दिया जाता है. लेकिन, ज्यादा गर्मी रहने पर सप्लाई में ट्रांसमिशन क्षति के कारण पॉवर का कमी होता है. सहायक अभियंता ने बताया कि अभी 10 से 12 फीसदी तक ट्रांसमिशन क्षति हो रहा है. जिस वजह से दूर के इलाका में लो वोल्टेज हो रहा है.
  • लोड शेडिंग करने के कारण तीन फीडर में सुबह छह बजे से 12 बजे तक नहीं रहेगी बिजली
  • पानी के लिए रात को ही करना होगा इंतजाम, नहीं तो डब्बा खरीद कर पीना होगा पानी
10 से 12 मेगावाट की खपत. सहायक अभियंता श्री कुमार ने बताया कि मधुबनी ग्रिड स्टेशन को नियमित बिजली आपूर्ति के लिए 10 से 12 मेगावाट बिजली की आवश्यकता है. लेकिन, कई दिन ग्रिड को आवश्यकता से बहुत कम बिजली मिल पाती है. जिस कारण लो वोल्टेज के साथ लोड शेडिंग भी करना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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