मधुबनी : भेजा थाना टेंगराहा निवासी आरोपी अभिराम यादव को जाली जन्म प्रमाण पत्र पर किशोर न्याय परिषद में दाखिल करना महंगा पड़ा. उक्त मामले को लेकर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी नरेंद्र प्रसाद ने सुनवाई करते हुए आरोपी अभिराम राय यादव को दफा 467 भादवि में सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनायी है.
वहीं अन्य दफा 420, 193, 209 भादवि में पांच वर्ष सश्रम कारावास, दफा 468, 471 एवं 205 भादवि तीन-तीन वर्ष की कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर पच्चीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि नहीं देने पर तीन महीना अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय ने यह भी आदेश जारी किया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. अभियोजन की ओर से जिला अभियोजन पदाधिकारी दिग्विजय कुमार सिंह ने बहस की. वहीं अपने बचाव में आरोपी ने स्वयं बहस किया था.
क्या है मामला. अभियोजन के अनुसार अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी द्वारा सकरी थाना कांड संख्या 51/14 के अभियुक्त अभिराम यादव द्वारा गलत जन्म प्रमाण पत्र कर किशोर बंदी बनकर किशोर न्याय परिषद से जमानत कराने के संबंध में तत्कालीन सकरी थानाध्यक्ष को प्रतिवेदन दिया था. तत्कालीन सकरी थानाध्यक्ष संजय कुमार द्वारा प्रखंड कार्यालय मधेपुर से निर्गत जन्म प्रमाण पत्र की जांच की गयी.
जांच के दौरान आरोपी अभिराम यादव का जन्म प्रमाण पत्र जाली पाया था. इसी बाबत तत्कालीन सकरी थानाध्यक्ष संजय कुमार द्वारा नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
मालूम हो कि आरोपी अभिराम यादव के विरुद्ध विभिन्न थानों में भी प्राथमिकी दर्ज है.
