मधुबनी : जीवन की बुनियाद को जीवंतता प्रदान करने के लिये संचालित बुनियाद केंद्र देश ही नहीं विदेशों के लिये भी मॉडल बन गया है. जहां सरकार द्वारा वृद्ध, लाचार और नि:शक्तों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना अब साकार होते हुये दिखने लगी है. परिवार और समाज से उपेक्षित वृद्ध ,लाचार या फिर दिव्यांग कोई भी व्यक्ति बुनियाद केन्द्र में शरण ले सकता हैं. इसके लिये जिला मुख्यालय स्थित पंचवटी चौक के निकट रसूल कॉलोनी में बुनियाद केंद्र का संचालन भी शुरू कर दिया गया है.
केंद्र के माध्यम से नि:शक्तता प्रमाणपत्र के साथ जरूरतमंदों को नि:शुल्क कृत्रिम अंग लगाये जायेंगे. सामाजिक सुरक्षा पेंशन संबंधी समस्याओं का भी समाधान कराया जायेगा. बुनियाद केंद्र में बुजुर्ग और लाचारों को कानूनी सलाह के लिये विधि विशेषज्ञ भी उपलब्ध रहेंगे. लेकिन ये सारी सुविधा पाने के लिये पुरुष व महिला लाभुक की आयु साठ वर्ष, विधवा की आयु 18 वर्ष और दिव्यांगों के लिये कोई आयु सीमा तय नहीं की गई है. बुनियाद केंद्र पर अबतक 127 मरीजों का सफल उपचार किया गया है.
भविष्य में मोबाइल थेरेपी वैन द्वारा भी किया जायेगा उपचार: बुनियाद केन्द्र के माध्यम से आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों से लैस कर संजीवनी वाहन द्वारा जगह-जगह भ्रमण कर गांव व शहर में सुलभ तरीके से स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी. इसके साथ ही सामाजिक पुनर्वास की सेवा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार के लिये मार्गदर्शन, रेफरल सुविधा, अस्थायी रात्रि विश्राम की व्यवस्था, समुदाय आधारित संगठनों से जुड़ाव व सहायता की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.
नि:शुल्क मिल रही है आवासीय व स्वास्थ्य सुविधा
जिले का यह पहला बुनियाद केन्द्र संचालित हुआ है, जहां नि:शुल्क दिव्यांगों से संबंधित कई तरह के रोगों के उपचार के लिये मशीन के साथ-साथ चिकित्सकों की टीम लगायी गई है. बुनियाद केन्द्र पर एक्सरसाइज के जरीये घुटनों का दर्द, नेत्र बिकलांगता से संबंधित रोग का उपचार, वाक व श्रवण की जांच, मनोवैज्ञानिक व भावनात्मक परामर्श, शारीरिक और मानसिक नि:शक्तता से ग्रसित पुरुष, महिला और बच्चों का उपचार शुरू किया गया है. लाचारों के देखभाल के लिये बुनियाद केन्द्र पर डा़ अविनाश गामी,डा़ जगमोहन कुमार, डा़ कृष्ण कुमार, डा़ रंधीर कुमार राजेश,डा़ चन्द्र मोहन सिंह, केसा मैनेजर राजमणि कुमारी, काउंसेलर मुकेश चन्द्र चौधरी सेवा दे रहे है.
बोले जिला प्रबंधक
बुनियाद केन्द्र के जिला प्रबंधक मनीष भगत ने बताया कि शारीरिक और मानसिक विकलांगता से ग्रसित पुरुष-महिला इस केन्द्र का लाभ उठा सकते हें. अनुमंडल स्तर पर भी चार बुनियाद केन्द्र विश्व बैंक की सहायता से बनकर तैयार हो गया है. उक्त केन्द्र संचालन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जायेगी.
