पति की लंबी उम्र की कामना
नवविवाहिताओं ने श्रद्धा के साथ की पूजा-अर्चना
महिलाओं ने किया सावित्री कथा का श्रवण
खुटौना : प्रखंड में वट सावित्री का पर्व पारंपरिक निष्ठा एवं उल्लास के साथ मनाया गया. खुटौना तथा लौकहा समेत तमाम जगहों में महिलाओं ने बटवृक्ष की पूजा अर्चना की. बट वृक्ष के चारों ओर पवित्र रंगीन धागे लपेटे तथा पुष्प, फल एवं मिष्टान्न अर्पित कर अखंड सौभाग्य कि लिए प्रार्थना की. पं. गोविन्द नारायण झा ने सावित्री सत्यवान की कथा सुनाकर महिलाओं को पतिव्रत धर्म निभाने के महत्व पर प्रकाश डाला.
राजनगर. मंगलवार के दिन क्षेत्र के महिलाओं ने अपने सुहाग की रक्षा एवं पति की दीर्घायु के लिए बट वृक्ष पूजा अर्चना की. नव विवाहिताओं के लिए यह पूजा विशेष माना गया है. वैसे सौभाग्यवती महिलाएं जीवनपर्यन्त यह पर्व मनाती है.
लदनियां. प्रखंड क्षेत्र में वट सावित्री व्रत के अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र व उत्तम स्वास्थ्य के लिए लिए वटवृक्ष की पूजा अर्चना निष्ठापूर्वक की. इस दौरान महिलाओं ने उपवास रखकर वटवृक्ष की पूजा पांच प्रकार के फलों एवं धागों से सात फेरे बांधकर की. इस व्रत को मुख्य बाजार से लेकर गांव की महिलाओं ने बड़े विधि विधान से की.
जयनगर. अनुमंडल मुख्यालय जयनगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में वट सावित्री पर्व के अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा अर्चना की और अपने पति की दीर्घायु की कामना की. वटसावित्री व्रत के अवसर पर सुहागन विशेष रूप से नवविवाहित महिलाओं ने वटवृक्ष की पूजा अर्चना कर सत्यवान सावित्री से जुड़े पौराणिक कथा का श्रवण किया. वट सावित्री व्रत का लेकर महिलाओं में सुबह से ही काफी उत्साह दिखा.
पंडौल . प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में विवाहिताओं के द्वारा वटसावित्री पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया़ इस अवसर पर उग्रनाथ स्थान भवानीपुर, सरिसव पाही, कमलपुर, भागीरथपुर व भगवतीपुर सहित विभिन्न देवालय परिसर में सुहागिनों ने वट वृक्ष के नीचे पूजा अर्चना की. बड़ागांव बजरंगवली मंदिर परिसर में दिन भर व्रतियों की भीड़ लगी रही़ विभिन्न वट वृक्ष के नीचे सुहागनों के साथ ही नवविवाहिताओं में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा गया़
मधवापुर. मिथिलांचल का प्रसिद्ध वट सावित्री का पर्व महिलाओं के द्वारा धूमधाम से मनाया गया. इस मौके पर महिलाओं ने परंपरा के अनुसार विधि विधान से वट वृक्ष की पूजा की तथा अपने पति की लंबी उम्र के लिए वटवृक्ष को रक्षा सूत्र बांधा. इस अवसर पर बटवृक्ष के पास मंगलवार को दिनभर महिलाओं की भीड़ लगी रही. खासकर नवविवाहिता के लिए इस व्रत का काफी महत्व है. वट वृक्ष की पूजा के दौरान महिलाओं के द्वारा वट सावित्री की कथा सुनने की परंपरा है. इस व्रत के संबंध में ऐसी मान्यता है कि दिन भर व्रत रखकर निष्ठापूर्वक वट सावित्री की पूजा करने से उसके पति को यमराज भी छू नहीं सकता.
