मधुबनी : निरीक्षण के क्रम में कार्य से अनुपस्थित चिकित्सक व कर्मियों के अनुपस्थित अवधि के वेतन भुगतान पर सिविल सर्जन ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है. साथ ही संबंधित चिकित्सक व कर्मियों से प्रभारी के मंतव्य के साथ स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.
क्या है मामला
बुधवार को सिविल सर्जन डाॅ अमर नाथ झा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुलपरास व अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास का औचक निरीक्षण किया. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फुलपरास में ओपीडी रजिस्टर का उपयोग सही ढंग से नहीं किया गया था. जिसे देख सीएस ने प्रभारी को ओपीडी रजिस्टर का संधारण सही ढंग से करने का निर्देश दिया. विभागीय निर्देश के बाद भी प्रभारी द्वारा सप्ताह में दो स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण नहीं किये जाने पर सीएस ने प्रभारी को हिदायत देते हुए विभागीय निदेश का अनुपालन करने तथा निरीक्षण प्रतिवेदन प्रत्येक सप्ताह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
निरीक्षण के क्रम में उपस्थिति पंजी में डा. उदयनाथ लाल दास जनवरी 18 से 28 मार्च तक अनुपस्थित पाये गये. सिविल सर्जन ने डा. दास के अनुपस्थित अवधि के वेतन पर रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है. सिविल सर्जन ने प्रभारी को बायोमेडिकल वेस्ट का निबंधन कराने का निर्देश दिया. जिससे की कचड़े का उठाव ससमय किया जा सके. इसके अतिरिक्त अचिकित्सा सहायक दिलीप कुमार झा बुनियादी स्वास्थ्य कार्यकर्ता रमेश चंद्र वर्मा व लिपिक कयुम अंसारी भी निरीक्षण क्रम में अनुपस्थित पाये गये. सभी कर्मियों के वेतन पर रोक लगाते हुए प्रभारी के मंतव्य के साथ स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
अनुमंडलीय अस्पताल
अनुमंडलीय अस्पताल के वार्डों व परिसर की बदतर साफ- सफाई, भंडार में दवा का सही रूप से रख रखाव नहीं रहने व एक सप्ताह से खराब पड़े 102 एंबुलेंस के बावत सीएस ने उपाधीक्षक को फटकार लगायी. फर्मासिस्ट उदय कुमार व एएनएम राम कुमारी देवी के अनुपस्थित अवधि के वेतन भुगतान पर सीएस ने रोक लगाते हुए स्पष्टीकरण की मांग किया है. इस संबंध में सीएस ने बताया कि जिन प्रभारी द्वारा सप्ताह में दो स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण नहीं किया जायेगा उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित किया जायेगा.
