बैंकों में महिला ग्राहकों के लिए शौचालय नहीं, हो रही परेशानी
मधुबनी : बैंक आने वाले उपभोक्ताओं को रुपये लेन देन में जो परेशानी या सहूलियत बैंक देता हो, पर अन्य सुविधा नहीं होने से लोग परेशान है. प्रभात पड़ताल में यह बात सामने आया है कि अधिकांश बैंक में महिला एवं पुरुष के लिये मात्र एक शौचालय है. इसी शौचालय में महिला भी जाती है […]
मधुबनी : बैंक आने वाले उपभोक्ताओं को रुपये लेन देन में जो परेशानी या सहूलियत बैंक देता हो, पर अन्य सुविधा नहीं होने से लोग परेशान है. प्रभात पड़ताल में यह बात सामने आया है कि अधिकांश बैंक में महिला एवं पुरुष के लिये मात्र एक शौचालय है. इसी शौचालय में महिला भी जाती है और पुरुष भी. यह शौचालय भी इस प्रकार बनाया गया है कि आम उपभोक्ताओं को शौचालय ढूंढे से नहीं मिले. उपयोग भी कम लोग ही कर पाते हैं.
ऐसे में बैंक आने वाले ग्राहकों को शौचालय की भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. खासकर महिला ग्राहकों को फजीहत का सामना करना पड़ता है. जानकारी के अनुसार मुख्यालय स्थित लोगों का रुपये जमा एवं निकासी के लिए कुल 29 बैंक की शाखा काम करती है. लेकिन ग्राहकों की सुविधा के लिए कुछ बैंक शाखा को छोड़ कर बांकी शाखा में गाड़ी लगाने का भी जगह नहीं है.
कई शाखा में एक ही शौचालय. मुख्यालय स्थित बंधन बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, एक्सीस बैंक, सेंट्रल बैंक महिला कॉलेज, ग्रामीण बैंक, लहेरियागंज में पुरुष और महिला के लिए एक ही शौचालय का व्यवस्था है. इन बैंकों में शौचालय बैंक के अंतिम छोड़ पर है. जिस कारण महिला खाताधारियों को परेशानी होती है. वहीं एसबीआई मुख्य शाखा व एडीवी शाखा में कहने को तो दो शौचालय है. लेकिन दोनों शाखा में शौचालय इतने अंदर में है कि ग्राहकों को खोजने में समय लग जायेगा.
हजारों की संख्या में आते हैं रोज खाताधारक . वहीं एचडीएफसी बैंक शाखा में भी महिला पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय का व्यवस्था किया गया है. एडीबी शखा प्रबंधक नीरज कुमार चौधरी ने बताया कि शाखा में 18 हजार महिला खाताधारी है. जबकि लगभग 30 हजार पुरुष खाता धारक है. वहीं मुख्य शाखा में भी लगभग 50 हजार खाता धारक है.
इसमें करीब 19 हजार महिला खाताधारी हैं. इसी प्रकार कैनरा बैंक में तीन हजार खाता धारक में 12 सौ महिला खाताधारक हैं. एचडीएफसी में 22 सौ पुरुष खाताधारक एवं करीब 900 महिला खाताधारक हैं. बंधन बैंक में करीब सात सौ पुरुष खाताधारक एवं 300 के करीब महिला खाताधारक हैं. इंडियन बैंक में 17 सौ पुरुष एवं करीब 600 महिला खाताधारक हैं.
रोज करीब 15 से बीस हजार उपभोक्ता आते हैं बैंक कार्य से जिला मुख्यालय
नहीं है शौचालय की व्यवस्था
कैनरा बैंक के शाखा प्रबंधक चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि बैंक में वैसे तो एक ही शौचालय है. महिला के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है. एचडीएफसी बैंक के शाखा प्रबंधक पंकज कुमार झा ने बताया कि हमारे यहां दो शौचालय है. महिला और पुरुष के लिए अलग है. वैसे जितना बैंक यहां पर काम कर रही है. एसबीआई को छोड़कर किसी अन्य शाखा में पार्किंग की व्यवस्था नहीं रहने के कारण आम लोगों के साथ खाता धारक को भी अपनी वाहन लगाने में परेशानी होती है.