तीन माह में नहीं बन सका डीपीआर

मधुबनी : नगर परिषद शहर में विकास के जितने भी दावे कर ले पर यह जमीनी स्तर तक समय से नहीं पहुंच पाती. एक योजना को पूरा होने की बात तो दूर, समय पर शुरू तक नहीं हो पाती है. सशक्त स्थायी समिति के निर्णय के बाद भी बोर्ड से पारित कर विकासात्मक योजनाओं को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मधुबनी : नगर परिषद शहर में विकास के जितने भी दावे कर ले पर यह जमीनी स्तर तक समय से नहीं पहुंच पाती. एक योजना को पूरा होने की बात तो दूर, समय पर शुरू तक नहीं हो पाती है. सशक्त स्थायी समिति के निर्णय के बाद भी बोर्ड से पारित कर विकासात्मक योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है. शहर के मध्य स्थित गिलेशन स्थित गांधी गुदरी सब्जी विक्रेताओं को आवंटित दुकान को दुबारा बनाने की योजना पारित हुई. निर्णय लिया गया. बोर्ड की बैठक मे लंबे बहस के बाद इसे सर्वसम्मति से आवश्यक कार्य बताते हुए पूरा करने की बात कही गयी. पर आलम यह है कि बीते चार माह में इस योजना पर काम के नाम पर महज एक कदम की दूरी ही तय की जा सकी है. इसमें बने दुकान के भवन अब गिरने के कगार पर है.

नहीं बना डीपीआर. नये बोर्ड गठन के बाद सशक्त स्थायी समिति ने पुराने दुकानों को तोड़कर नये दुकान के निर्माण का निर्णय लिया. बोर्ड ने इसे पारित कर दिया. पटना के आर्टिटेक्ट को इसकी डीपीआर बनाने को कहा गया. पर तीन महीने में डीपीआर तक नहीं बना. डीपीआर बनने के बाद सशक्त स्थायी समिति फिर से पास करेगी. उसके बाद इसे संबंधित विभाग में भेजा जायेगा. विभाग इसे मंत्री मंडल की स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा. तब तक इस बोर्ड का कार्यकाल पूरा हो जायेगा. नये बोर्ड फिर से निर्णय लेगा. यह खेल कई योजनाओं में चल रहा है. अब तक इस योजना को लेकर केवल मापी का काम ही हो सका है.
नये बोर्ड से बढ़ी उम्मीद. दरअसल 25 अप्रैल 2014 को आयी भयानक भूकंप में यह दुकान जर्जर हो गयी थी. विक्रेताओं की निर्माण नगर परिषद से की पर इनकी बातों को अनसूनी कर दी जाती रही. 9 जून 2017 को नये बोर्ड के गठन के बाद सब्जी विक्रेताओं को नयी उम्मीद जगी थी. पर काम इतनी धीमी चल रही है कि अब निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ.
स्थायी बोर्ड ने दिया था बाजार की दुकानों के निर्माण का आदेश
106 दुकानदारों से हर माह वसूल होता है
भाड़ा, सुविधा नदारद
हर माह लाखों का
होता है कारोबार
गिलेशन गुदरी बाजार में हर माह करीब तीन से चार करोड़ का कारोबार होता है. बाजार में वर्तमान मे 106 दुकान हैं. जिसमें सब्जी व फल विक्रेता अपना दुकान करते हैं. यहां संचालित दुकानों में आधे से अधिक अब जर्जर हो चुकी है. सब्जी विक्रेता अब यहां से अलग अपना कारोबार करते हैं. हालांकि यहां संचालित दुकानों से 30 रूपये प्रतिमाह किराये के रूप में वसूल करता है. पर सुविधाएं नदारद है.
गांधी गुदरी बाजार में नये दुकानों का निर्माण होगा. इसके लिए डीपीआर बनाया जा रहा है. शीघ्र काम शुरू होगा.
सुनैना देवी, मुख्य पार्षद
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