मधुबनी : रेफरल अस्पताल पंडौल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने तथा जेनरेटर मद में कथित तौर पर गलत विपत्र पर भुगतान कराकर राजस्व की क्षति पहुंचाने के मामले का अब जांच किया जायेगा. इसके लिये स्वास्थ्य मंत्री ने सीएस को जांच के आदेश दिये हैं. स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के आलोक में सिविल सर्जन द्वारा उक्त मामले की जांच डीपीएम जिला स्वास्थ्य समिति को सौंपा है.
पंडौल रेफरल अस्पताल में जेनेरेटर मद में हुए भुगतान की होगी जांच
मधुबनी : रेफरल अस्पताल पंडौल में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने तथा जेनरेटर मद में कथित तौर पर गलत विपत्र पर भुगतान कराकर राजस्व की क्षति पहुंचाने के मामले का अब जांच किया जायेगा. इसके लिये स्वास्थ्य मंत्री ने सीएस को जांच के आदेश दिये हैं. स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के आलोक में सिविल […]

जानकारी के अनुसार जिप सदस्य उर्मिला देवी ने स्वास्थ्य मंत्री को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होने कहा था कि बीते 10 दिसंबर 17 को उनके द्वारा रेफरल अस्पताल पंडौल का निरीक्षण किया गया था.
निरीक्षण क्रम में अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति काफी बदतर पाया गया. साथ ही आउट सोर्सिंग व्यवस्था के तहत अस्पताल में जेनरेटर मद में गलत विपत्र पर भुगतान भी अस्पताल द्वारा किया जा रहा है.
अपने पत्र में जिप सदस्य ने यह भी जिक्र किया है कि साफ-सफाई की कुव्यवस्था के बारे में जब सफाई कर्मी से पूछा गया तो उसने बताया कि वर्ष 2012 के बाद आज तक कोई टेंडर नहीं हुआ है. 2012 से एक ही संवेदक द्वारा कार्य किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएस डा. अमरनाथ झा ने इसकी जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का आदेश डीपीएम को दिया. साथ ही प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को अस्पताल की साफ-सफाई सूचारू रूप से कराने का निर्देश दिया है. बताते चलें कि जिला में साफ-सफाई व जेनरेटर आपूर्ति का कार्य आउट सोर्सिंग के जरिए कराया जा रहा है.