मधुबनी : तेज पछिया हवा से जनजीवन अस्त व्यस्त है. हवा इतनी तेज रही कि लोग बाहर निकलने से डरते रहे. मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि अधिकतम तापमान 12 डिग्री पर पहुंच गया. हांड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है. हालत ऐसा रहा कि शाम पांच बजे ही धूप अंधेरा छा गया. सड़कें वीरान हो गयी. लोग सुबह में देर तक कंबल व रजाई में दुबके रहे तो शाम में जल्द से जल्द बिस्तर में दुबकने की कोशिश में थे.
चार पर पहुंचा तापमान, जीना मुहाल
मधुबनी : तेज पछिया हवा से जनजीवन अस्त व्यस्त है. हवा इतनी तेज रही कि लोग बाहर निकलने से डरते रहे. मंगलवार को न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि अधिकतम तापमान 12 डिग्री पर पहुंच गया. हांड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है. हालत ऐसा रहा कि शाम पांच बजे […]

कोर्ट में नहीं किया गया अलाव का इंतजाम. ठंड में लोग बेहाल होकर कोर्ट में पैरवी व अन्य अदालती कार्य को लेकर आ रहे हैं. पर यहां अब तक प्रशासन की ओर से अलाव का इंतजाम नहीं किया गया है. जिस कारण पक्षकार व अधिवक्ताओं के साथ साथ काम करने वाले पेशकार, मुंसिफ सहित अन्य लोगो को अधिक परेशानी हो रही है. दस्ताने से हाथ निकालते ही हाथ बर्फ की तरह ठंडा हो रहा है. कड़ाके की ठंड से लोगों का हाल बेहाल है. कई दिन से कुहासे के कारण आवाजाही प्रभावित हो रहा है. हालांकि सोमवार को दोपहर में कुछ देर के लिये जरूर धूप निकल रहा था. पर मंगलवार को सूर्य देव के दर्शन तक नहीं हो सका. कंपकपी से लोग परेशान रहे.
बसों में पैसेंजर नहीं. ठंड ने बस चालकों व संचालकों पर भी आफत ढा दिया है. बस स्टैंड खाली है. लंबी दूरी की अधिकतर बसें खाली ही जा रही है. बस मोटर चालक संघ के अध्यक्ष उमाशंकर ठाकुर उर्फ मुन्ना ठाकुर ने बताया है कि इन दिनों बस स्टैंड से अधिकांश बस में पूरा सीट तक नहीं भर पा रहा है. कइ बस का परिचालन भी बंद हो गया है. जिस कारण बस संचालकों को हर दिन हजारों का घाटा हो रहा है. वहीं सबसे अधिक परेशानी व घाटा मधुबनी से दिल्ली जाने वाली बसों के मालिकों को हो रही है. बस में पूरा यात्री नहीं होने के बाद भी बस को दिल्ली तक परिचालन करना पड़ रहा है. जिस कारण हर दिन हजारों का नुकसान हो रहा है.
अस्पतालों में मरीजों की कमी. इधर, अस्पताल में ठंड के बाद मरीजों की संख्या काफी कम हो गयी है. अधिकांश वार्ड खाली पड़ा है. जो मरीज आते हैं वे अपना इलाज कराकर वापस घर लौट रहे हैं. जिस कारण अस्पताल का बेड खाली है.