मधुबनी : प्रशासन के उदासीन रवैये व समय पर वेतन भुगतान नहीं किये जाने के कारण दो मिल कर्मियों की मौत दवा व उपचार के अभाव में हो गयी. जिस मद की राशि को सरकार ने बीते साल ही उपलब्ध करा दिया था. उस राशि का भुगतान अब तक संबंधित मजदूरों व कर्मियों को नहीं किया गया है. इस बीच कई लोग परेशानी से जूझ रहे हैं.
दवा के अभाव में ही जिसमें रेवती रमण झा एवं अशरफी साह नामक कर्मियों की मौत हो जाने की बात सामने आयी है. इस संबंध में हिंद मजदूर सभा के महासचिव अघनू यादव ने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव के पहल पर सकरी चीनी मिल के 726 कर्मियों के लंबित भुगतान के लिए 16 करोड़ 72 लाख 51 हजार रुपया की राशि फरवरी 16 में जिला पदाधिकारी को उपलब्ध करा दी गयी. जिसमें अब तक 72 कर्मियों का ही भुगतान हो पाया है. जबकि 117 कर्मियों के भुगतान की विवरणी जिला विकास शाखा में आठ माह से लंबित है. इसी 117 कर्मियों में दोनों मृतक भी शामिल था.
क्षतिपूर्ति पांच लाख दिये जाने की मांग
कर्मी येतेंद्र मोहन मिश्र, शशिकांत झा, गंगा मंडल, महेंद्र मिश्र व मो. मोवीन के भुगतान का डीएम द्वारा आदेश दिया गया था. जिसमें भुगतान का निर्देश वरीय उपसमाहर्ता विकास शाखा को मई तक करने का आदेश दिया गया था.
बावजूद अब तक विकास शाखा द्वारा इन कर्मियों का भुगतान नहीं किया गया है. श्री यादव ने मृतक कर्मियों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये क्षति पूर्ति मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार चीनी मिल कर्मियों की 1997 से मार्च 2015 तक सेवा अवधि माना है और इसी को आधार बना जिला समाहर्ता को भुगतान राशि उपलब्ध कराया था.
