पूर्व बैंक अधिकारी के घर की कुर्की-जब्ती
बेनीपट्टी/साहरघाट : साहरघाट थाना क्षेत्र के पाकिरसाम गांव में पूर्व बैंक अधिकारी संजीव कुमार सिंह के घर पर रविवार को सीबीआइ अधिकारी व साहरघाट थाना पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गयी. जानकारी के अनुसार, पाकिरशाम गांव निवासी संजीव कुमार सिंह बैंक अधिकारी थे. उन पर बैंक का शाखा प्रबंधक […]
बेनीपट्टी/साहरघाट : साहरघाट थाना क्षेत्र के पाकिरसाम गांव में पूर्व बैंक अधिकारी संजीव कुमार सिंह के घर पर रविवार को सीबीआइ अधिकारी व साहरघाट थाना पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से कुर्की जब्ती की कार्रवाई की गयी. जानकारी के अनुसार, पाकिरशाम गांव निवासी संजीव कुमार सिंह बैंक अधिकारी थे.
उन पर बैंक का शाखा प्रबंधक रहते हुए गबन मामले को लेकर धारा 420 का मामला सीबीआइ में दर्ज है. सीबीआइ कोर्ट से जारी कुर्की जब्ती के वारंट के आलोक में बैंक अधिकारी श्री सिंह के घर की कुर्की जब्ती की गयी. हालांकि गबन की राशि कितनी और कहां की है, इस संबंध में सीबीआइ अधिकारी या स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताने में असमर्थता व्यक्त की. सूत्रों का कहना है कि समस्तीपुर में बैंक अधिकारी रहते हुए श्री सिंह ने विभिन्न मामलों में राशि गबन किया था. मामला 2006 का है. इसको लेकर सीबीआई मे मामला दर्ज था. वहीं कुर्की के दौरान श्री सिंह के घर का चौखट, खिड़की, पंखा, दरवाजा, पलंग सहित एक पिकअप वैन सामान जब्त किया गया.
कुर्की जब्ती की कार्रवाई सीबीआइ एसीबी के आरक्षी संजय कुमार व साहरघाट थाने के एसआइ नवीन सिंह व सुनील सिंह के संयुक्त नेतृत्व में की गयी. जब्त किये गये सभी सामान को पिकअप वैन के द्वारा साहरघाट थाने लाया गया है. जहां जब्ती सूची तैयार किये जाने की प्रक्रिया जारी थी. इस बाबत सीबीआइ अधिकारी ने सिर्फ इतना कहा कि पूर्व बैंक अधिकारी पर धारा 420 के तहत गबन का मामला दर्ज है और न्यायालय से निर्गत कुर्की जब्ती के वारंट के आलोक में कार्रवाई की गयी है. मौके पर दफादार सुरेश पासवान, चौकीदार राम विलास पासवान, फेकन पासवान, रामदेव पासवान व हरिश्चंद्र पासवान समेत अन्य लोग भी मौजूद थे. इस बाबत एसपी दीपक बरनवाल ने बताया है कि साल 2006 का मामला है. पर कहां का और कितनी राशि का गबन हुआ है. इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सक है.
सीबीआइ में पूर्व से है गबन को लेकर प्राथमिकी दर्ज, कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई
गबन कहां और कितने रुपये का, यह बताने से बचते रहे अधिकारी