कैनाल के अधिकांश भाग साफ

सराहनीय पहल. तीन दिन का प्रयास, दस साल के काम पर भारी मधुबनी : बीते तीन दिन का प्रयास, पिछले दस साल पर भारी पड़ा है. कहते हैं कि जब इच्छाशक्ति दृढ़ हो और काम करने का मन बना लिया जाता है, तो हर परेशानी अपने आप दूर होती जाती है. यही हाल इस साल […]

सराहनीय पहल. तीन दिन का प्रयास, दस साल के काम पर भारी

मधुबनी : बीते तीन दिन का प्रयास, पिछले दस साल पर भारी पड़ा है. कहते हैं कि जब इच्छाशक्ति दृढ़ हो और काम करने का मन बना लिया जाता है, तो हर परेशानी अपने आप दूर होती जाती है. यही हाल इस साल कैनाल सफाई को लेकर है. बीते दस सालों में जिस कैनाल की सफाई नहीं की जा सकी (हर साल राशि खर्च होती रही) उस कैनाल की सफाई महज तीन दिन में कर लिया गया है. जिला पदाधिकारी के मॉनीटरिंग और नप प्रशासन के कार्रवाई की हर ओर प्रशंसा की जा रही है. निश्चय ही सार्थक पहल है. पहल का असर दिख भी रहा है. जल जमाव से त्रस्त लोगों ने राहत की सांस ली है. अधिकांश मोहल्लों से पानी निकल रहा है. अब भी कैनालों की सफाई कार्य जारी है.
अधिकारी के आवास से पंपिंग सेट से निकाला जा रहा पानी : इधर, शहर का पानी भले ही कम हो गया हो. लोगों ने राहत की सांस ली है. पर, अभी भी कई अधिकारी के आवासीय परिसर में जल जमाव है. उसे पंपिंग सेट के सहारे निकालने की पहल की जा रही है. बुधवार को जिला पदाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक, एसपी दीपक वरनवाल के आवास से पंपिंग सेट से पानी निकाला गया. जबकि अभी भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अनुमंडल पदाधिकारी, सीएस , डीसपी, ऑफिसर कॉलोनी में जल जमाव है.
इस कारण अधिकारियों को परेशानी हो रही है.
यहां से पानी निकले, तो मानें : निश्चय ही शहर में जल निकासी की पहल सराहनीय रहा है. पर, जल निकासी शहर के उन कॉलोनियों से हुई है, जहां इस बार पहली बार पानी घुसा था. शहर के तीस वार्ड में से अधिकांश वार्ड में पहली बार बारिश में घरों में पानी घुसा था. पहल की गयी तो पानी तीन दिन में ही निकल भी गया. इसका दूसरा पहलू यह है कि शहर में जल जमाव जिस वार्ड की पहचान रही है उस वार्ड से अब तक पानी निकासी नहीं हो सका है.
बीते कई सालों से आदर्श नगर कॉलोनी, विनोदनंद झा कॉलोनी, नंदनगर, चकदह, विद्यापति कॉलोनी, बस स्टैंड के समीप महादलित टोले, वार्ड दो का संतुनगर मोहल्ला जल जमाव की परेशानी से त्रस्त रहा है. इस साल भी इन वार्डों में कमर तक पानी घुस गया, जो अब तक नहीं निकल सका है. इन वार्डों में अब भी लोग विस्थापित की तरह जिंदगी गुजार रहे हैं. आदर्श नगर मोहल्ला, विनोदानंद झा कॉलोनी, संतुनगर में तो अब भी ग्राउंड फ्लोर को लोगों ने खाली ही रखा है. लोगों की आवाजाही नहीं हो पा रही है. लोगों का कहना है कि प्रशासन इन कॉलोनी से पानी निकासी कर के दिखाये, तो उसकी पहल को मानें.

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