विरोध. मुखिया के अधिकारों का हनन का आरोप
मधुबनी : जिला मुखिया महासंघ के अध्यक्ष कृपानंद झा आजाद के नेतृत्व में दर्जनों मुखिया ने गुरुवार को समाहरणालय के समय प्रदर्शन कर सड़क जाम किया. मुखिया संघ बिहार सरकार के पंचायत राज (संशोधन) अध्यादेश 2017 द्वारा पंचायती राज व्यवस्था के प्रस्तावों के विरोध में यह आंदोलन किा था. मुखिया संघ के चक्का जाम से मधुबनी सकरी मुख्य मार्ग को जाम कर यातायात अवरुद्ध कर दिया.
जाम कर रहे मुखिया संघ के सदस्यों को एडीएसओ उदय शंकर सिंह नगर थानाध्यक्ष अरुण कुमार राय ने समझाने का प्रयास करते हुए जाम समाप्त करने का अनुरोध किया. मुखिया संघ के 103 मुखिया ने विरोध स्वरूप सांकेतिक गिरफ्तारी नगर थाना पर दी. वहीं मुखिया संघ द्वारा राज्यपाल को समर्पित 5 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा. इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कृपानंद झा आजाद ने कहा कि सरकार ग्राम स्वराज को विकेंद्रीत लोकतंत्र में जमीनी स्तर के लोकतंत्र की मूल आत्मा ग्राम सभा के अस्तित्व को समाप्त करने तथा मुखिया के अधिकार को समाप्त करने का षडयंत्र रच रही है. सरकार ने मुखिया को स्टंप के रूप में बना दिया है.
विकास के काम अवरुद्ध हो चुके हैं. कहा कि 14 वें वित्त आयोग के गठन के साथ ही केंद्रीय अनुदान की राशि को ग्राम सभा द्वारा चयनित एवं निर्वाचित प्रक्षेत्रों की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार पंचायतों को सीधी राशि उपलब्ध करा रही है. पर बिहार सरकार के मुख्यमंत्री अपने सात निश्चय योजनाओं को अपने संशाेधन से नहीं वरन केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों एवं जीपीडीपी के विरुद्ध केंद्र सरकार की राशि से कराकर अपना श्रेय लेना चाहती है. इसमें मात्र दो योजनाओं मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना एवं मुख्यमंत्री गली नाली पक्कीकरण निश्चय योजना में ही 80 प्रतिशत राशि करना चाहती है. जो भारत सरकार एवं पंचायत राज अधिनियम के विरुद्ध है. चक्का जाम करने वाले मुखिया में अजय झा, अशोक साहु, मिथिलेश कुमार मिश्र, सुर्यनारायण सिंह, लाल नारायण सिंह, राम कुमार यादव, जितेंद्र कुमार झा, अशोक कुमार झा, रविंद्र कुमार ठाकुर, मो. आरिफ, सुरेंद्र मंडल, राकेश ठाकुर, कौशल्या देवी दिवाकर प्रसाद यादव, पिंकी देवी, दिपक कुमार सिंह, कोयल
देवी, नरेंद्र कुमार झा सहित दर्जनों मुखिया मौजूद थे.
