मधुबनी : सहकारिता विभाग द्वारा सीएमआर जमा करने के अंतिम निर्धारित तिथि तक सीएमआर जमा नहीं के कारण आठ मिलर व 34 समिति पर विभाग ने नोटिस भेज दिया है. इन लोगों पर करीब 1174.527 एमटी चावल बकाया बताया जा रहा है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीद योजना के तहत सीएमआर जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित किया गया था.
आठ मिलर व 34 समितियों को नोटिस
मधुबनी : सहकारिता विभाग द्वारा सीएमआर जमा करने के अंतिम निर्धारित तिथि तक सीएमआर जमा नहीं के कारण आठ मिलर व 34 समिति पर विभाग ने नोटिस भेज दिया है. इन लोगों पर करीब 1174.527 एमटी चावल बकाया बताया जा रहा है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धान खरीद योजना के तहत सीएमआर जमा […]

वर्ष 2016-17 में मधुबनी सहकारिता द्वारा 31912.561 एमटी धान खरीद किया गया था. जिसके एवज में 21381.41 एमटी चावल राज्य खाद्य निगम को 30 जून तक देना था. लेकिन 1174.527 एमटी चावल राज्य खाद्य निगम को तय समय पर नहीं मिल पाया. धान के एवज में उचित चावल प्राप्त नहीं होने के कारण सहकारिता विभाग द्वारा 8 मिलर और 34 समिति पर नोटिस भेजा गया है.
जिले के आठ मिलर पर है बकाया
सहकारिता विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 8 वैसे मिल है जो धान लेकर तय समय पर राज्य खाद्य निगम को चावल नहीं दिया. जिला सहकारिता पदाधिकारी अजय कुमार भारती ने बताया कि जिन राईस मिलरों ने समय पर चावल नहीं दिया है उसमें हनुमान राइस मिल हरलाखी के उपर 421.43 क्विंटल चावल बकाया है. वहीं बेतौना पंचायत पैक्स राइस मिल पर 199.99 क्विंटल, राजमोहन राइस मिल जफरा बिस्फी पर 106.25 क्विंटल, रामदुलारी राइस मिल निर्मली पर 810.03 क्विंटल, सागर राइस मिल हरलाखी पर 5048.61 क्विंटल, संतनगर पैक्स राइस मील पर 1085.17 क्विंटल, वैशाली राइस मिल सकरी पर 588.8 क्विंटल चावल बकाया है.
धारा 41 के तहत भेजा गया नोटिस
जिला सहकारिता पदाधिकारी श्री भारती ने बताया कि सभी 34 समिति व 8 मिलर को सहकारिता विभाग के धारा 41 के तहत नोटिस भेजा गया है. श्री भारती ने बताया कि सरकार द्वारा 15 जुलाई तक सभी मिलर अपना सीएमआर जमा नहीं करता है तो सभी मिलर को काली सूची में डालकर वसूली के लिए दमनात्मक कार्रवाई की जायेगी.