तमिलनाडु में मजदूरी के दौरान सीढ़ी से गिरकर युवक की मौत, गांव पहुंचा शव तो मचा कोहराम

तमिलनाडु में मजदूरी कर रहे 21 वर्षीय मोहम्मद शरीफ की काम के दौरान सीढ़ी से गिरने से मौत हो गई. उनका शव गांव पहुंचने पर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. आर्थिक तंगी के चलते शव लाने में भी परिजनों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.

कुमारखंड (मधेपुरा). मंगरवाड़ा पंचायत के रहटा टोला निवासी 21 वर्षीय मोहम्मद शरीफ की मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गयीं. रोजी-रोटी की तलाश में करीब दो माह पहले तमिलनाडु गए शरीफ निर्माण कार्य में मजदूरी कर रहे थे. इसी दौरान कार्यस्थल पर सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए. तिरुचिरापल्ली के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब 10 दिनों तक इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. शनिवार देर रात करीब दो बजे एंबुलेंस से शव गांव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.

निर्माण कार्य के दौरान सीढ़ी से गिरकर हुए थे घायल

मृतक मोहम्मद शरीफ, पिता मोहम्मद तौहीद, मंगरवाड़ा पंचायत के वार्ड नंबर-03 के निवासी थे. बताया गया कि करीब दो माह पहले वह परिवार के भरण-पोषण के लिए तमिलनाडु गए थे. वहां उन्हें निर्माण कार्य में मजदूरी मिली थी. इसी दौरान काम करते समय सीढ़ी से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं.

दस दिनों तक अस्पताल में चला इलाज

हादसे के बाद साथी मजदूरों ने शरीफ को अस्पताल पहुंचाया. परिजनों के मुताबिक तिरुचिरापल्ली स्थित महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब 10 दिनों तक उनका इलाज चला. गंभीर चोटों के कारण उनकी हालत बनी रही और आखिरकार इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया.

ग्रामीणों के सहयोग से गांव लाया गया शव

शरीफ की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी. ऐसे में तमिलनाडु से शव को गांव लाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन गया. वहां रहने वाले लोगों और गांव के ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से राशि जुटाई और एंबुलेंस की व्यवस्था की. करीब पांच दिनों की प्रक्रिया के बाद शनिवार रात शव रहटा पहुंच सका.

पति का शव देखकर बेसुध हुईं पत्नी

शव पहुंचते ही पत्नी शबाना खातून का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. पति का शव देखकर वह बेसुध हो गयीं. परिवार के मुताबिक शरीफ घर की जिम्मेदारी उठाने और परिवार का खर्च चलाने के लिए बाहर कमाने गए थे. वह दो भाइयों में बड़े थे. वर्ष 2023 में उनका विवाह हुआ था. उनके पीछे डेढ़ वर्ष की बेटी और छह माह का बेटा है.

गमगीन माहौल में किया गया सुपुर्द-ए-खाक

रविवार सुबह करीब नौ बजे गमगीन माहौल में मोहम्मद शरीफ के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया. अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. परिवार की विपत्ति में जोहान सालार फाउंडेशन की ओर से 30 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी गयी.

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लेखक के बारे में

By पवन कुमार

पवन कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुमारखंड (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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