मधेपुरा जिले के चौसा में स्टेट हाईवे-58 (SH-58) के किनारे सरकारी जमीन और पक्की नाली पर अवैध रूप से पक्की दीवार खड़ी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है. जियो पेट्रोल पंप के पास 16 अगस्त को हुए इस कथित अवैध निर्माण से जहां एक ओर जल निकासी बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है, वहीं मुख्य सड़क से सटकर हुए इस निर्माण से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है. इस मनमानी के बाद स्थानीय लोगों और दुकानदारों में भारी आक्रोश है, जिन्होंने प्रशासन से तुरंत स्थल की मापी कराकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है.
सरकारी नाली पर कब्जा, जल निकासी होगी बाधित
स्थानीय लोगों ने इस अवैध निर्माण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- निर्माण का आरोप: चौसा-भटगामा स्टेट हाईवे पर जियो पेट्रोल पंप के समीप 16 अगस्त को राजू साह नामक व्यक्ति द्वारा नाली और सरकारी जमीन से सटाकर पक्की दीवार बनाने का आरोप लगा है.
- जलजमाव का संकट: जिस जगह दीवार बनी है, वहां पहले से पानी निकासी के लिए पक्की नाली मौजूद है. दीवार के कारण नाली की सफाई पूरी तरह बाधित होगी और बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से राहगीरों की फजीहत तय है.
वाहन चालकों के लिए 'ब्लाइंड स्पॉट' का खतरा
इस अतिक्रमण का सीधा असर सड़क की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है:
- दुर्घटना की आशंका: SH-58 चौसा की प्रमुख सड़क है, जहां से रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. सड़क से बिल्कुल सटाकर दीवार बनने से मोड़ पर विजन बाधित होगा, जिससे दोपहिया और ऑटो चालकों के लिए एक्सीडेंट का खतरा काफी बढ़ गया है.
- अतिक्रमण को मिलेगा बढ़ावा: स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों के आने-जाने और सामान उतारने में दिक्कतें शुरू हो गई हैं. अगर इस अवैध निर्माण को प्रशासन ने नजरअंदाज किया, तो अन्य लोग भी देखा-देखी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने को प्रेरित होंगे, जिससे सड़क संकरी हो जाएगी.
CO का आश्वासन: मापी के बाद होगी कड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचल प्रशासन ने संज्ञान लिया है:
- जांच के आदेश: चौसा अंचलाधिकारी (CO) उदय कांत मिश्र ने कहा कि मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी.
- हटेगा अतिक्रमण: सीओ ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि स्थल की मापी के बाद यदि सरकारी जमीन या नाली पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई करते हुए उसे तुरंत ध्वस्त कराया जाएगा. फिलहाल स्थानीय लोगों की निगाहें प्रशासन के एक्शन पर टिकी हुई हैं.
