मधेपुरा: सूखा नशा के खिलाफ घैलाढ़ के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा; कमलपुर बजरंगबली स्थान में जुटी महिलाओं और किसानों की चौपाल

मधेपुरा के घैलाढ़ प्रखंड में ग्रामीणों ने सूखे नशे के खिलाफ मिलकर आवाज उठाई है. एक सार्वजनिक बैठक में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया गया. नशे के कारोबारियों को चेतावनी दी गई कि वे अपनी गतिविधियां बंद करें, वरना कानूनी कार्रवाई होगी.

मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड अंतर्गत श्रीनगर पंचायत के मेहता टोला कमलपुर में तेजी से पांव पसार रहे सूखे नशे के खतरनाक चलन के खिलाफ ग्रामीणों और किसानों ने संगठित होकर आवाज बुलंद की है. सोमवार की शाम स्थानीय बजरंगबली स्थान परिसर में एक अहम सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के हर वर्ग ने हिस्सा लेकर नशे की कुप्रवृत्ति को जड़ से उखाड़ फेंकने का सामूहिक संकल्प लिया.

बैठक की अध्यक्षता बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) दीनानाथ मेहता ने की, जबकि मंच संचालन किसान सलाहकार संघ मधेपुरा के जिला प्रवक्ता राजेश कुमार पप्पू द्वारा किया गया. चौपाल में जुटे लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अब चुप नहीं बैठा जाएगा.

नशा करने वालों और कारोबारियों को सख्त चेतावनी

बैठक को संबोधित करते हुए प्रो. (डॉ.) दीनानाथ मेहता ने कहा कि युवा समाज की रीढ़ हैं और उन्हें सूखे नशे की गर्त में जाने से रोकना हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते समाज नहीं चेता तो इसके दुष्परिणाम पूरे गांव को भुगतने होंगे.

प्रो. मेहता ने खुले मंच से नशा करने वाले युवकों और पर्दे के पीछे से नशे का अवैध कारोबार संचालित करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे लोग तत्काल अपनी गैरकानूनी और विनाशकारी गतिविधियां बंद कर दें, अन्यथा ग्रामीण स्तर पर उनका सामाजिक बहिष्कार करने के साथ-साथ कानूनी शिकंजा कसा जाएगा.

प्रशासनिक कार्रवाई के साथ जन-जागरूकता भी है जरूरी

किसान सलाहकार संघ के जिला प्रवक्ता राजेश कुमार पप्पू और विशेश्वर मेहता ने परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि सूखा नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार और सामाजिक ताने-बाने को तबाह कर रहा है.

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस बुराई को खत्म करने के लिए केवल पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर निर्भर रहना काफी नहीं है. इसके लिए गांव, टोले और हर घर के स्तर पर व्यापक व निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाना होगा, ताकि कोई भी भटका हुआ युवा नशे की चपेट में न आए.

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महिलाओं ने की नारेबाजी, मंदिर के पुजारी ने भी किया आह्वान

बैठक में उपस्थित बजरंगबली मंदिर के पुजारी पंकज बाबा ने युवाओं को सदाचार अपनाने और नशे से दूर रहने का आशीर्वाद व मार्गदर्शन दिया. चौपाल में बड़ी संख्या में शामिल महिलाओं ने भी मोर्चा संभालते हुए नशे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और इस सामाजिक अभियान को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की.

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव के युवाओं को खेलकूद और शिक्षा की ओर मोड़ने तथा नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए वार्ड स्तर पर नियमित बैठकें और जागरूकता रैलियां आयोजित की जाएंगी.

बैठक में ये प्रमुख ग्रामीण रहे मौजूद

इस अवसर पर राजेंद्र मेहता, अनिल मेहता, संतोष मेहता, अरुण मेहता, प्रमोद मेहता, प्रदीप मेहता, दिलीप मेहता, रामदेव मेहता, नागेश्वर मेहता, रमेश यादव और कैलाश मेहता सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, युवा और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे.

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By Prabhat khabar news desk

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