मधेपुरा. कोसी अंचल की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पहचान से समृद्ध जिला नौ मई 2026 को अपना 46वां स्थापना दिवस उत्साह, गरिमा व जनभागीदारी के साथ मनाने जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा स्थापना दिवस समारोह को यादगार बनाने के लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गयी है. जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के निर्देशानुसार शिक्षा विभाग, खेल विभाग व संस्कृति विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गयी है.
जिला प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार स्थापना दिवस समारोह की शुरुआत प्रातः
सात बजे जिले के सभी सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों द्वारा प्रभात फेरी के आयोजन से होगी. छात्र-छात्राएं विद्यालय पोशाक में सामाजिक जागरूकता से जुड़े संदेशों व नारों के साथ प्रभात फेरी में भाग लेंगे. प्रभात फेरी के माध्यम से स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति व दहेज उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर जनजागरूकता फैलायी जायेगी. जिला मुख्यालय सहित सभी प्रखंड मुख्यालयों में भी प्रभात फेरी निकाली जायेगी. दिन के समय बीपी मंडल इंडोर स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जायेगा, इसमें कबड्डी व वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं आयोजित होगी.जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों व विजेता टीमों को स्थापना दिवस समारोह के दौरान सम्मानित व पुरस्कृत किया जायेगा. स्थापना दिवस के अवसर पर शाम छह बजे कला भवन में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जायेगा. कार्यक्रम में लोकगीत, लोकनृत्य, रंगोली व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जायेगा. इस अवसर पर जिले के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक पदाधिकारी, बुद्धिजीवी, शिक्षाविद व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे.
जानकारी हो कि जिला का गठन नौ मई 1981 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ जगन्नाथ मिश्र के कार्यकाल में सहरसा जिला से अलग कर किया गया था. जिले के प्रथम जिला पदाधिकारी एसपी सेठ तथा प्रथम पुलिस अधीक्षक अभयानंद थे. प्रारंभिक दौर में जिले में कुल सात प्रखंड मधेपुरा, सिंहेश्वर, कुमारखंड, मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज, आलमनगर व चौसा शामिल थे. जिला विकास व आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर चुका है. वर्तमान में जिले में दो अनुमंडल, 13 प्रखंड व 13 अंचल कार्यरत हैं. भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज व विश्वस्तरीय विद्युत रेल इंजन कारखाना जिले की प्रगति व पहचान के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं. धार्मिक दृष्टि से सिंहेश्वर स्थान तथा सामाजिक-राजनीतिक चेतना के प्रतीक बीपी मंडल की विरासत भी जिले की विशेष पहचान है.डीएम ने सभी विभागों को स्थापना दिवस समारोह को उत्साहपूर्ण व जनसहभागिता आधारित स्वरूप में आयोजित करने का निर्देश दिया है, ताकि नई पीढ़ी जिले के गौरवशाली इतिहास, सांस्कृतिक धरोहर व विकास यात्रा से परिचित हो सके. प्रभात फेरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को जिला प्रशासन द्वारा प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्रदान किया जायेगा.
