मधेपुरा. जिले के यूवीके कॉलेज करमा के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग द्वारा एआईसीटीई के सहयोग से 22 एवं 23 सितंबर 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जाएगा. सेमिनार का विषय “नदीय परंपराओं से एक्वा-टेक तक: सतत मत्स्य पालन एवं मखाना खेती के लिए आइओटी और एआइ का उपयोग” निर्धारित किया गया है. सेमिनार का मुख्य उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कोसी एवं मिथिलांचल क्षेत्र की पारंपरिक मखाना खेती और मत्स्य पालन को अधिक उन्नत एवं टिकाऊ बनाना है.
‘ब्लू इकोनॉमी’ से ग्रामीण आजीविका, सतत कृषि एवं स्थानीय आर्थिक विकास की संभावनाओं पर होगी चर्चा
‘ब्लू इकोनॉमी’ के माध्यम से ग्रामीण आजीविका, सतत कृषि एवं स्थानीय आर्थिक विकास की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया जायेगा. सेमिनार में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के प्रयोग, मखाना उत्पादन एवं क्षेत्रीय मत्स्य पालन को तकनीक से जोड़ने तथा स्थानीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी एवं मैथिली, में तकनीकी ज्ञान एवं साहित्य के विकास पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे. सेमिनार के संयोजक डॉ अमरेंद्र कुमार झा, समन्वयक प्रो डॉ ललन कुमार झा तथा सह-समन्वयक डॉ मो मुदस्सिर सिद्दीकी हैं. आयोजकों के अनुसार सेमिनार में एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक, शोधार्थी, रिसर्च फेलो तथा उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ भाग ले सकते हैं.
सेमिनार का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना
कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एआइ, आइओटी डेटा साइंस एवं अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की दिशा में विचार साझा करने का अवसर मिलेगा. आयोजन समिति ने बताया कि इस सेमिनार का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ शिक्षकों, शोधकर्ताओं एवं पेशेवरों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने शोध एवं अनुभव साझा कर सकें और ब्लू इकोनॉमी में नई तकनीकी संभावनाओं पर मंथन कर सकें.
