मधेपुरा : पार्वती विज्ञान महाविद्यालय के इतिहास विभाग में ‘भारतीय त्योहारों में दशहरा का महत्व’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने की. सेमिनार में शिक्षकों ने दशहरा के धार्मिक महत्व के साथ इसके ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पक्ष पर चर्चा की.
नई पीढ़ी तक पहुंचती है सांस्कृतिक विरासत
सेमिनार में डॉ. शशिशेखर झा ने कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति और सभ्यता का महत्वपूर्ण पर्व है. यह सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने तथा बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देता है. उन्होंने कहा कि भारतीय त्योहार केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत नई पीढ़ी तक पहुंचती है.
विद्यार्थियों को परंपराओं का इतिहास जानना जरूरी
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि भारतीय त्योहारों का सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में विशेष महत्व है. दशहरा अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय की प्रेरणा देता है. विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के ऐतिहासिक महत्व को समझना चाहिए.
डॉ. अभिषेक कुमार ने कहा कि दशहरा सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक है तथा सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है. डॉ. रौनक कुमार ने कहा कि यह पर्व समाज में एकता, भाईचारे और नैतिक मूल्यों का संदेश देता है.
त्योहारों से जुड़ती है नई पीढ़ी
डॉ. शोभा कुमारी ने कहा कि दशहरा भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों से जुड़ा उत्सव है. ऐसे पर्व नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
कार्यक्रम में इतिहास विभाग के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
