Sant Ravidas 650th Birth Anniversary : संत शिरोमणि रविदास जी के 650वें जन्म वर्ष के अवसर पर पूरे बिहार में निकाली जा रही कलश यात्रा के क्रम में पवित्र कलश शनिवार को मधेपुरा पहुंचा. कलश का पथराहा स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी में विधिवत पूजन के बाद स्थापना की गयी. मधेपुरा पहुंचने पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार और जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने कलश का स्वागत किया. अब यह पवित्र कलश जिले के विभिन्न मंडलों में पहुंचाया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं द्वारा इसका स्वागत किया जाएगा.
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कलश स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास जी के विचार, सामाजिक समरसता और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाना सभी का दायित्व है. उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन समाज में समानता, भाईचारे और मानवता की प्रेरणा देता है.
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी ने भी संत रविदास के आदर्शों और उनके सामाजिक संदेश पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि संत रविदास ने समाज में भेदभाव समाप्त कर समानता और सद्भाव का संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है.
जिले के विभिन्न मंडलों में पहुंचेगा पवित्र कलश
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि मधेपुरा पहुंचा पवित्र कलश जिले के विभिन्न मंडलों में ले जाया जाएगा. वहां भाजपा कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की ओर से इसका स्वागत किया जाएगा. इसके माध्यम से संत रविदास के विचारों और सामाजिक समरसता के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
कलश के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया. कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने संत रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया.
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग रहे मौजूद
कलश स्वागत कार्यक्रम में भाजपा जिला महामंत्री विनोद सरदार, विवेकानंद सिंह, जिला उपाध्यक्ष अशोक मेहता, अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राम, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, नमो ऐप जिला संयोजक सुभाष चौहान, मंदिर के पुजारी योगेंद्र यादव, अरविंद यादव, सदानंद यादव, भाजपा मंडल अध्यक्ष कंचन कुमार, राहुल भगत, विश्व यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
कार्यकर्ताओं ने कहा कि संत रविदास जी का जीवन समाज में समानता, भाईचारे और मानवता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देता है. उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
