Bihar Traffic Rules : बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलों को नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार की ओर से जारी आदेश में प्रमुख चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर पॉइंट-टू-पॉइंट ट्रैफिक प्रबंधन लागू करने का निर्देश दिया गया है. इसके तहत ट्रैफिक जाम वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाएगी और आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा नियमित अभियान
नए निर्देश के अनुसार सड़क पर यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाएगा. जिला पुलिस और संबंधित एजेंसियां मिलकर प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेंगी, ताकि वाहनों का आवागमन सुचारु बना रहे और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके.
ट्रैफिक पुलिस के लिए बॉडी कैमरा और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य
यातायात ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए अब बॉडी-वॉर्न कैमरा, रिफ्लेक्टिव जैकेट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है. इसका उद्देश्य ड्यूटी के दौरान पारदर्शिता बढ़ाना और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. वहीं ई-चालान की कार्रवाई के दौरान डिजिलॉकर में उपलब्ध वाहन के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस को भी वैध माना जाएगा, जिससे वाहन चालकों को मूल दस्तावेज साथ रखने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी.
दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस इलाज
सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने के लिए पीएम राहत योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को 1.5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्देश दिया गया है. साथ ही मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के माध्यम से मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को भी तेज करने को कहा गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.
24 घंटे में मिलेगा जब्त वाहन, जागरूकता अभियान भी चलेगा
पुलिस मुख्यालय ने यह भी निर्देश दिया है कि सड़क दुर्घटनाओं में जब्त किए गए वाहनों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 24 घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति को उपलब्ध कराया जाए. इससे वाहन मालिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. अपर पुलिस महानिदेशक सुधांशु कुमार ने सभी जिला पुलिस इकाइयों को सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सुरक्षित यातायात व्यवस्था केवल पुलिस की नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है और सभी के सहयोग से ही सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है.
