मधेपुरा: कुमारखंड में निर्माण पूरा होने से पहले ही पंचायत सरकार भवन में पड़ीं दरारें, गुणवत्ता पर उठे सवाल

मधेपुरा जिले में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. निर्माण पूरा होने से पहले ही दीवारों में दरारें आ गई हैं, जिससे ग्रामीणों और मुखिया में नाराजगी है. अधिकारियों की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है.

मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत रानीपट्टी सुखासन पंचायत में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता सवालों के घेरे में आ गई है. भवन का निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है और इसकी दीवारों में तीन-चार स्थानों पर चौड़ी दरारें आ गई हैं. इसके साथ ही, निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद भवन का निर्माण अधूरा पड़ा है, जिसे लेकर पंचायत के मुखिया सहित स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को अधिकारियों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण किया.

तय समय सीमा के बाद भी अधूरा है निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार, रानीपट्टी सुखासन पंचायत में पंचायत सरकार भवन का निर्माण योजना एवं विकास विभाग की योजना के तहत (एकरारनामा संख्या 14-SBD/2023-24) कराया जा रहा है. इस महत्वपूर्ण भवन का निर्माण कार्य 4 मार्च 2024 को शुरू हुआ था और इसे 3 सितंबर 2025 तक पूरा किया जाना था. लेकिन, 2026 का आधा साल बीत जाने के बावजूद यह काम अब तक अधूरा है. यह पूरा निर्माण कार्य एलएईओ (LAEO) कार्य प्रमंडल, मधेपुरा की देखरेख में कराया जा रहा है. लेटलतीफी और खराब गुणवत्ता के कारण अब यह विभागीय कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है.

दीवारों में दरार: मुखिया ने की थी शिकायत

निर्माण में बरती जा रही अनियमितता को लेकर पंचायत के मुखिया अनिल ऋषिदेव ने कड़ा ऐतराज जताया है. मुखिया ने बताया कि उन्होंने बीते 20 जून 2026 को ही प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन देकर निर्माणाधीन भवन की दीवारों में आई दरारों की जानकारी दे दी थी. उन्होंने विभाग से मांग की थी कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाले दोषी संवेदक (ठेकेदार) तथा संबंधित अभियंताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए.

डीएम के इंतजार में रहे ग्रामीण, अधिकारियों ने किया निरीक्षण

बुधवार को पंचायत में यह सूचना फैली थी कि जिला पदाधिकारी (डीएम) अभिषेक रंजन भवन के निरीक्षण के लिए पहुंचने वाले हैं. इस सूचना पर सुबह से ही पंचायत में हलचल तेज थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण व पंचायत प्रतिनिधि डीएम के इंतजार में मौके पर डटे रहे. हालांकि, डीएम वहां नहीं पहुंच सके, जिसके बाद ग्रामीणों को एलएईओ के कार्यपालक अभियंता अनुपम विजय के नेतृत्व में आई टीम के निरीक्षण से ही संतुष्ट होना पड़ा. निरीक्षण टीम में सहायक अभियंता पारूल, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी अभिषेक रंजन, कनीय अभियंता मुकेश मुकुंद, पीआरएस परमानंद कुमार तथा पंचायती राज विभाग की कनीय अभियंता मधु गौतम शामिल थीं. मौके पर पंसस प्रतिनिधि राजन कुमार यादव सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे.

उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

निरीक्षण के दौरान पंचायत के मुखिया अनिल ऋषिदेव मौके पर उपस्थित नहीं थे. फोन पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे किसी निजी कार्य से वाराणसी गए हुए हैं. इधर, मौके पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों ने भवन निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि सरकारी पैसे का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अब निरीक्षण के बाद विभागीय स्तर पर क्या ठोस कार्रवाई होती है, इस पर सभी ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की नजर टिकी हुई है.


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लेखक के बारे में

By पवन कुमार

पवन कुमार प्रिंट माध्यम में 10 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुमारखंड (मधेपुरा) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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