National Lok Adalat 12 September: उदाकिशुनगंज/ग्वालपाड़ा. अगर बैंक, बिजली या टेलीफोन विभाग से जुड़ा कोई मामला लंबे समय से चल रहा है और उसके समाधान को लेकर लोग परेशान हैं, तो 12 सितंबर का दिन राहत देने वाला हो सकता है. आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कराने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. इसी को लेकर सोमवार को उदाकिशुनगंज व्यवहार न्यायालय में न्यायिक पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई.
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि लोक अदालत में आने वाले लोगों को सरल प्रक्रिया के माध्यम से अधिक से अधिक राहत मिल सके. न्यायिक पदाधिकारियों ने बैंक, बिजली और टेलीफोन विभाग के अधिकारियों के साथ मामलों के निपटारे की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की. कोशिश यह है कि जिन मामलों में दोनों पक्षों की सहमति बन सकती है, उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया में जाने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से जल्द समाप्त किया जाए.
बैंक से बिजली और टेलीफोन तक के मामलों पर चर्चा
उदाकिशुनगंज व्यवहार न्यायालय के मीटिंग हॉल में हुई बैठक की अध्यक्षता तालुका विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार मिश्रा ने की. बैठक में सिविल जज प्रथम शंभू दास, सिविल जज द्वितीय राजीव रंजन, मुंसिफ रूपेश कुमार, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार एवं सौरभ कुमार मौजूद थे.
वहीं विभिन्न विभागों की ओर से भी अधिकारी बैठक में शामिल हुए. एसबीआई उदाकिशुनगंज के बीएम अविनाश कुमार, पीएनबी के विवेकानंद, बीएसएनएल के जेटीओ नवीन कुमार, बिहार ग्रामीण बैंक के सत्यजीत कुमार और विद्युत विभाग के एईई विजय कुमार ने बैठक में हिस्सा लिया. इसके अलावा नाजिर, सिस्टम मैनेजर अंकित कुमार, पीएलवी संजय कुमार, प्रवीण कुमार, संजीव कुमार सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे.
बैठक का मुख्य उद्देश्य 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रभावी बनाना और अधिक से अधिक मामलों का समाधान सुनिश्चित करना रहा.
आपसी सहमति से मामलों के निपटारे पर जोर
तालुका विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत में आने वाले लाभुकों को अधिक से अधिक राहत मिले, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से मामलों के निपटारे में सहयोग करने की बात कही.
न्यायिक पदाधिकारियों ने भी लोक अदालत की सफलता के हर पहलू पर चर्चा की. इस दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि दोनों पक्षों की सहमति से ज्यादा से ज्यादा मामलों का निपटारा किया जाए. इससे लोगों को लंबे समय तक मुकदमे की प्रक्रिया से गुजरने की परेशानी से राहत मिल सकती है.
लंबी कानूनी प्रक्रिया से बचाने की कोशिश
सिविल जज प्रथम शंभू दास ने कहा कि दो पक्षों को मुकदमे में समय और संसाधन बर्बाद होने से बचाने के लिए लोक अदालत में सरल प्रक्रिया अपनायी गयी है. इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर प्रयास करना चाहिए.
लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सहमति के आधार पर मामलों के समाधान का रास्ता तैयार किया जाता है. ऐसे में बैंक, बिजली और टेलीफोन विभाग से जुड़े मामलों में यदि दोनों पक्ष किसी समाधान पर सहमत होते हैं, तो उनका मामला लोक अदालत के माध्यम से निपटाया जा सकता है.
National Lok Adalat 12 September: 12 सितंबर की लोक अदालत पर बढ़ा फोकस
बैठक के बाद न्यायिक पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया. प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर कोशिश की जा रही है कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक पात्र मामलों को लाया जाए और उनका त्वरित समाधान हो.
अधिकारियों की बैठक से साफ है कि 12 सितंबर को होने वाली लोक अदालत को लेकर तैयारी तेज कर दी गयी है. अब संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी, ताकि अधिक से अधिक मामलों में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाकर लोगों को राहत दिलायी जा सके.
