Murliganj ROB Diversion News: मधेपुरा के मुरलीगंज में मीरगंज रेलवे ढाला के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के दौरान बनाया गया अस्थायी डायवर्जन धंस गया. रंग और पुट्टी से लदा 18 चक्का ट्रक गड्ढे में फंसने के बाद मधेपुरा-मुरलीगंज मार्ग पर लंबा जाम लग गया. स्थानीय लोगों ने डायवर्जन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
मधेपुरा. रेलवे ओवरब्रिज बनने की उम्मीद में लोग बेहतर यातायात व्यवस्था का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें रोज नई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मुरलीगंज के मीरगंज रेलवे ढाला के पास आरओबी निर्माण के दौरान बनाया गया अस्थायी डायवर्जन सोमवार देर रात धंस गया, जिससे रंग और पुट्टी से लदा एक 18 चक्का भारी ट्रक सड़क किनारे गड्ढे में फंस गया. ट्रक एक ओर झुक गया और उसके पलटने का खतरा पैदा हो गया. इसके बाद मधेपुरा-मुरलीगंज मार्ग पर छोटे-बड़े सभी वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया.
घटना के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. स्कूली बच्चों, मरीजों, एंबुलेंस, मालवाहक वाहनों और दैनिक यात्रियों को घंटों तक जाम में फंसे रहना पड़ा. समाचार लिखे जाने तक ट्रक को निकालने का प्रयास जारी था.
आरओबी निर्माण के कारण बंद है मुख्य मार्ग
मीरगंज रेलवे ढाला के समीप सहरसा-पूर्णिया मुख्य मार्ग एनएच-107 (अब एनएच-231) पर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है. निर्माण के कारण मुख्य सड़क पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया है. ऐसे में मधेपुरा, मुरलीगंज और बिहारीगंज के बीच आने-जाने वाले हजारों वाहनों के लिए रतनपट्टी बस्ती होकर बनाया गया अस्थायी डायवर्जन ही एकमात्र वैकल्पिक मार्ग है.
यही कारण है कि इस मार्ग पर किसी भी प्रकार की बाधा पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर देती है.
कैसे धंसा डायवर्जन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोमवार देर रात भारी ट्रक जैसे ही डायवर्जन पर पहुंचा, सड़क की कच्ची मिट्टी अचानक धंस गई. ट्रक का पिछला हिस्सा गड्ढे में फंस गया और वाहन एक ओर झुक गया. हादसे की आशंका के कारण पीछे आ रहे वाहनों को रोक दिया गया, जिससे कुछ ही देर में दोनों ओर लंबा जाम लग गया.
कई वाहन चालकों को मजबूरन लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ा, जबकि स्थानीय लोगों को घंटों तक आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा.
स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि पुराने पुल को तोड़ने से पहले जल्दबाजी में डायवर्जन तैयार कर दिया गया, लेकिन उसकी गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया. उनका कहना है कि सड़क में केवल बालू और कच्ची मिट्टी भर दी गई, जिसके कारण भारी वाहन बार-बार धंस जाते हैं और जाम की स्थिति बन जाती है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी खराब डायवर्जन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था. उस समय ईंट सोलिंग बिछाकर रास्ता मजबूत करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया.
रोजाना हजारों लोगों पर पड़ रहा असर
मुख्य सड़क बंद होने और वैकल्पिक मार्ग के भी बाधित हो जाने से मधेपुरा-मुरलीगंज मार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया. स्थानीय व्यापारियों, विद्यार्थियों, किसानों और नौकरीपेशा लोगों का कहना है कि यह समस्या अब अस्थायी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की बड़ी परेशानी बन चुकी है.
लोगों का कहना है कि यदि डायवर्जन को तत्काल मजबूत नहीं किया गया, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. भारी वाहनों के फंसने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है.
Murliganj ROB Diversion News: प्रशासन और एनएच प्राधिकरण से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, सड़क निर्माण विभाग, एनएच प्राधिकरण और संबंधित संवेदक से मांग की है कि डायवर्जन की गुणवत्ता की जांच कर तत्काल स्थायी मरम्मत कराई जाए. साथ ही सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि हजारों लोगों को रोजाना होने वाली परेशानी से राहत मिल सके.
जब तक आरओबी निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस मार्ग की सुरक्षा और मजबूती प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.
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