MADHEPURA: रहटा रेनगाह टोला में सड़क पर फैली गंदगी से लोगों में नाराजगी, मस्जिद आने-जाने में हो रही परेशानी

लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मियों तथा कुछ लोगों द्वारा सड़क किनारे कचरा फेंके जाने के कारण गंदगी सड़क पर जमा होकर इधर-उधर फैल रही है.

उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) से कौनैन बशीर की रिपोर्ट:

मधेपुरा: नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 24 स्थित रहटा रेनगाह टोला की मुख्य सड़क पर फैली गंदगी को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का आरोप है कि नगर परिषद के सफाई कर्मियों तथा कुछ लोगों द्वारा सड़क किनारे कचरा फेंके जाने के कारण गंदगी सड़क पर जमा होकर इधर-उधर फैल रही है.

इससे राहगीरों के साथ-साथ मस्जिद में नमाज अदा करने जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर कचरा जमा रहने से दुर्गंध फैल रही है और आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है. खासकर नमाज के समय लोगों को गंदगी के बीच होकर मस्जिद तक पहुंचना पड़ता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है. मो. इरशाद, मो. फिरोज, मो. क्यूम, मो. नईम, मो. वकील, मो. एकराज, मो. सरफराज एवं मो. जहांगीर सहित अन्य लोगों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा नियमित साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है.

लोगों ने कहा कि सड़क किनारे कचरे का ढेर जमा रहने से संक्रमण फैलने की भी आशंका बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से अविलंब सड़क की साफ-सफाई कराने, कचरा फेंकने पर रोक लगाने तथा नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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