Madhepura Lok Adalat 2026: मधेपुरा. अगर ट्रैफिक चालान लंबित है, बैंक का कर्ज विवाद में फंसा है या कोई ऐसा मुकदमा चल रहा है जिसे आप आपसी सहमति से खत्म करना चाहते हैं, तो 12 सितंबर का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है. मधेपुरा में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारी तेज कर दी गयी है. सोमवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
यह रथ जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को लोक अदालत के फायदे और विवादों के त्वरित समाधान के बारे में जानकारी देगा. इस बार लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे की तैयारी है. जिले में करीब 4,500 प्री-लिटिगेशन और 5,000 पोस्ट-लिटिगेशन मामलों को चिन्हित किया गया है.
यानी कुल मिलाकर करीब 9,500 मामलों को लोक अदालत के माध्यम से समाधान की प्रक्रिया में लाने की तैयारी है.
ट्रैफिक चालान वालों के लिए भी महत्वपूर्ण मौका
इस बार लोक अदालत में बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान मामलों के निपटारे की व्यवस्था की गयी है. इसके लिए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के कार्यालय में 8 सितंबर से प्री-रजिस्ट्रेशन बूथ भी शुरू किया जाएगा.
लोग यहां पहुंचकर अपने लंबित चालान के निपटारे की प्रक्रिया के लिए पहले से पंजीकरण करा सकते हैं. हालांकि अगर किसी कारण से कोई व्यक्ति प्री-रजिस्ट्रेशन बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो उसे भी मौका मिलेगा. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के अनुसार लोक अदालत के दिन सीधे पहुंचकर भी चालान के निपटारे की प्रक्रिया पूरी करायी जा सकती है.
इस व्यवस्था से उन वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है, जिनका ट्रैफिक चालान लंबे समय से लंबित है और वे उसका समाधान चाहते हैं.
बैंक लोन का विवाद भी सुलझाने का मौका
लोक अदालत में विभिन्न बैंकों से जुड़े ऋण मामलों के निपटारे की भी व्यवस्था की गयी है. बैंक ऋण से जुड़े मामलों में पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर सेटलमेंट कराने का प्रयास किया जाएगा.
यानी बैंक और संबंधित व्यक्ति के बीच सहमति बनती है, तो मामले को लंबी कानूनी प्रक्रिया में खींचने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है.
जिले में भारतीय स्टेट बैंक समेत विभिन्न बैंकों के अधिकारियों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा गया है, ताकि संबंधित मामलों के निपटारे में समन्वय बनाया जा सके.
नोटिस मिला है तो 12 सितंबर को जरूर पहुंचें
प्रधान जिला जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने आम लोगों से अपील की है कि जिन लोगों को लोक अदालत से संबंधित नोटिस प्राप्त हुआ है, वे निर्धारित तिथि पर न्यायालय परिसर पहुंचें और अपने मामले के समाधान का प्रयास करें.
वहीं जिन लोगों को नोटिस नहीं मिला है, लेकिन वे अपने विवाद का स्थायी समाधान चाहते हैं, वे भी लोक अदालत के दिन हेल्प डेस्क पर संपर्क कर सकते हैं.
यदि संबंधित मामला कंपाउंडेबल नेचर का होगा और दोनों पक्ष आपसी सहमति के लिए तैयार होंगे, तो सुलह-समझौते के माध्यम से विवाद खत्म करने की दिशा में तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
आखिर लोक अदालत में लोगों को क्या फायदा?
लोक अदालत का उद्देश्य केवल मामलों की संख्या कम करना नहीं है. इसका बड़ा फायदा यह है कि सहमति के आधार पर विवाद को समाप्त करने का रास्ता मिलता है. इससे पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया में समय और पैसा खर्च करने से राहत मिल सकती है.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाप्त होने पर पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द भी बना रहता है. उन्होंने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और स्थायी समाधान का प्रभावी माध्यम है.
उन्होंने इसी संदेश को एक नारे के रूप में भी सामने रखा, “समय, श्रम और पैसा बचाएं, लोक अदालत में झगड़ा निपटाएं.”
Madhepura Lok Adalat 2026: जागरूकता रथ बताएगा लोक अदालत का तरीका
व्यवहार न्यायालय परिसर से रवाना किया गया जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण करेगा. इसका उद्देश्य लोगों को यह बताना है कि लोक अदालत के जरिए किन मामलों का समाधान कराया जा सकता है और इसके लिए उन्हें क्या करना होगा.
12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए न्यायिक पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के स्तर पर तैयारी की जा रही है. अब बड़ी चुनौती यह होगी कि चिन्हित मामलों में अधिक से अधिक पक्षकार आपसी सहमति तक पहुंचें और लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान हो सके.
कार्यक्रम के दौरान जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जवाहर झा, विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव जज पूजा कुमारी साह, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक एस. एस. पोद्दार सहित अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे.
