मधेपुरा: तमिलनाडु के रामनाथपुरम में सड़क हादसे में मुरलीगंज के प्रवासी मजदूर की मौत, 5 मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

तमिलनाडु में हुए भीषण सड़क हादसे में मधेपुरा जिले के एक प्रवासी मजदूर रिजवान आलम की मौत हो गई. अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने गए रिजवान की अचानक मृत्यु से 5 मासूम बच्चे अनाथ हो गए हैं. ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग की है.

मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड अंतर्गत भतखोड़ा पंचायत के सोनवर्षा टोला (वार्ड 7) में उस वक्त गहरा कोहराम मच गया, जब तमिलनाडु के रामनाथपुरम में हुए एक भीषण सड़क हादसे में गांव के 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर रिजवान आलम की मौत की खबर पहुंची. रिजवान अपने परिवार की बदहाल आर्थिक स्थिति को सुधारने और बच्चों की परवरिश के लिए कुछ माह पूर्व ही मजदूरी करने तमिलनाडु गए थे. घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की असामयिक मौत के बाद पांच मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए छिन गया है, जिससे पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

परिवार का भरण-पोषण करने गए थे परदेस

परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार:

  • परिजनों को फोन पर मिली सूचना: रिजवान आलम रोजगार के सिलसिले में तमिलनाडु के रामनाथपुरम में रहकर मजदूरी करते थे. शनिवार को वहां हुए एक सड़क हादसे में उनकी जान चली गई. घटना की जानकारी जब फोन पर परिजनों को दी गई, तो घर में चीख-पुकार मच गई.
  • परिवार का एकमात्र सहारा: रिजवान अपने माता-पिता के सबसे बड़े पुत्र थे और पूरे घर का खर्च उन्हीं की कमाई पर निर्भर था.
विलाप करते परिजन | Prabhat Khabar Network

5 मासूम बच्चों और पत्नी के सामने आजीविका का संकट

मृतक अपने पीछे भरा-पूरा लेकिन असहाय परिवार छोड़ गए हैं:

  • अनाथ हुए 5 बच्चे: रिजवान के पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं. पिता की असमय मौत से मासूम बच्चों और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है.
  • आर्थिक संकट गहराया: पहले से ही तंगहाली से जूझ रहे परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

शव गांव पहुंचने की सूचना पर उमड़े ग्रामीण, मुआवजे की मांग

शव को तमिलनाडु से पैतृक गांव सोनवर्षा टोला लाए जाने की खबर मिलते ही सांत्वना देने वालों का तांता लग गया:

  • मेहनती और मिलनसार स्वभाव: ग्रामीणों ने बताया कि रिजवान बेहद सरल, शांत और मेहनती स्वभाव के थे, जो अपने परिवार को बेहतर जिंदगी देने के लिए परदेस में पसीना बहा रहे थे.
  • प्रशासन से मुआवजे की गुहार: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मधेपुरा जिला प्रशासन तथा राज्य सरकार के श्रम संसाधन विभाग से पीड़ित परिवार को तत्काल प्रवासी मजदूर दुर्घटना बीमा योजना, पारिवारिक लाभ योजना और उचित आर्थिक मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है.


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लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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