Madhepura News : मधेपुरा में किसान, मजदूर और छात्र-नौजवान संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है. सीपीएम जिला कार्यालय में आयोजित संयुक्त कन्वेंशन में निर्णय लिया गया कि 10 अगस्त को जिला मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा. इससे पहले पंचायत से लेकर प्रखंड स्तर तक बैठकें, गोष्ठियां और नुक्कड़ सभाएं आयोजित कर लोगों को आंदोलन से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा.
आखिर किसान और मजदूर संगठन सड़क पर उतरने की तैयारी क्यों कर रहे हैं. किन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई है और 10 अगस्त तक क्या-क्या कार्यक्रम होंगे. जानिए आंदोलन की पूरी रूपरेखा.
संयुक्त कन्वेंशन में आंदोलन की रणनीति हुई तय
मधेपुरा स्थित सीपीएम जिला कार्यालय में बिहार राज्य किसान सभा, खेतिहर एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन, निर्माण कामगार यूनियन, रसोईया यूनियन तथा छात्र-नौजवान संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कन्वेंशन आयोजित किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान नेता कमलेश्वरी साह ने की. बैठक में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने किसान, मजदूर और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की और आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की.
10 अगस्त को होगा जिला मुख्यालय का घेराव
कन्वेंशन में निर्णय लिया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की कथित किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 10 अगस्त को मधेपुरा जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा.
आंदोलन को सफल बनाने के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम भी तय किया गया है. इसके तहत 30 जुलाई से 7 अगस्त तक प्रखंड और पंचायत स्तर पर बैठकें तथा किसान-मजदूर गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी. इसके बाद 8 और 9 अगस्त को नुक्कड़ सभाओं और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से लोगों को आंदोलन में शामिल होने की अपील की जाएगी.
इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी
कन्वेंशन को संबोधित करते हुए बिहार राज्य किसान सभा के प्रांतीय संयुक्त सचिव रणधीर यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की.
उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, मजदूर और आम जनता आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. उन्होंने चार लेबर कोड, किसानों को फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने और ग्रामीण क्षेत्रों में होल्डिंग टैक्स, पानी टैक्स, सफाई टैक्स तथा प्रति परिवार ₹1200 वार्षिक टैक्स लगाए जाने जैसे मुद्दों को गरीब और ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बताया.
नोट: ये आरोप और मांगें कन्वेंशन में वक्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए विचार हैं.
कई किसान और मजदूर नेताओं ने रखे विचार
बैठक में किसान सभा के जिलाध्यक्ष गणेश मानव सहित कई नेताओं ने आंदोलन को व्यापक बनाने पर जोर दिया.
इस दौरान ललन यादव, पन्नालाल यादव, मनीष यादव, राजदीप कुमार, मनीष कुमार, रौशन कुमार, श्याम सुंदर यादव, अनमोल यादव, मन्टू कुमार मंडल, राजकिशोर सरदार और चन्देश्वरी रजक सहित अन्य नेताओं ने भी अपने विचार रखे और आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया.
Madhepura News : अब प्रशासन की नजर आंदोलन की तैयारियों पर
10 अगस्त को प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए आने वाले दिनों में जिले में राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. संगठन गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे, जबकि प्रशासन की नजर भी आंदोलन की तैयारियों और कानून-व्यवस्था पर रहेगी.
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