मधेपुरा में आजाद पुस्तकालय का स्थापनोत्सव अब पूरे साल, इतिहास और गुमनाम पहचान को सामने लाने की तैयारी

आजाद पुस्तकालय, मधेपुरा के जिला स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर शुरू हुए 'जिला स्थापनोत्सव' को अब पूरे वर्ष मनाने का निर्णय लिया है. इस आयोजन का उद्देश्य जिले के भूले-बिसरे इतिहास, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को उजागर करना है.

Madhepura News: जिला स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर आजाद पुस्तकालय कतराहा द्वारा शुरू किया गया जिला स्थापनोत्सव अब केवल कुछ दिनों या महीनों तक सीमित नहीं रहेगा. पुस्तकालय ने इसे पूरे वर्ष चलाने का निर्णय लिया है. साल भर चलने वाले इस कार्यक्रम के माध्यम से मधेपुरा के इतिहास, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े उन पहलुओं को सामने लाने की कोशिश होगी, जो अब तक लोगों की नजरों से दूर रहे हैं.

आजाद पुस्तकालय के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी ने बताया कि स्थापनोत्सव कार्यक्रम पिछले करीब साढ़े चार महीने से चल रहा है. इस दौरान जिले से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के भूले-बिसरे पन्नों को समेटने, मधेपुरा की पहचान से जुड़ने और नामचीन हस्तियों के बारे में जानने का अवसर लोगों को मिला है. कार्यक्रम को लोगों की ओर से भी काफी सराहना मिली है.

उन्होंने कहा कि इसी उत्साह को देखते हुए पुस्तकालय टीम ने स्थापनोत्सव को वृहद स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य मधेपुरा जिले से जुड़े अधिक से अधिक विषयों पर काम करना और ऐसी गुमनाम पहचान को सामने लाना है, जिनका योगदान जिले के इतिहास और सामाजिक जीवन से जुड़ा रहा है.

इतिहास के भूले-बिसरे पन्नों को सामने लाने की तैयारी

कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि मधेपुरा का इतिहास गौरवशाली रहा है, लेकिन इतिहास के पन्नों में जिले को वह स्थान नहीं मिल सका है, जिसका वह हकदार है. इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से आजाद पुस्तकालय द्वारा स्थापनोत्सव के तहत वर्ष भर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गयी है.

उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में मधेपुरा को केंद्र में रखकर विभिन्न प्रतियोगिताओं, विचार गोष्ठियों, सेमिनारों और सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को अपने जिले के अतीत से जोड़ने का प्रयास होगा. साथ ही जिले से जुड़ी ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहचानों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी काम किया जाएगा.

पुस्तकालय का मानना है कि किसी जिले की पहचान केवल उसके वर्तमान से नहीं बनती, बल्कि उसके इतिहास, समाज, संस्कृति और उन लोगों से भी बनती है, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान दिया है. स्थापनोत्सव के जरिए ऐसे ही पहलुओं को व्यवस्थित तरीके से सामने लाने की तैयारी है.

साल भर की सामग्री से प्रकाशित होगा विशेषांक

आजाद पुस्तकालय के सचिव डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने बताया कि वर्ष भर चलने वाले स्थापनोत्सव में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी. इस दौरान मिलने वाली सामग्री, अनुभवों और जिले से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को संग्रहित किया जाएगा, ताकि उन्हें भविष्य के लिए सुरक्षित रखने के साथ प्रकाशित भी किया जा सके.

उन्होंने बताया कि जिला स्थापनोत्सव कार्यक्रम के समापन के अवसर पर पत्रिका 'युवा सृजन' का जिला विशेषांक प्रकाशित किया जाएगा. इसमें मधेपुरा को जानने और समझने के लिए जरूरी सामग्री को संग्रहित किया जाएगा. विशेषांक को जिले के इतिहास, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्रियों का दस्तावेज बनाने की योजना है.

इसके लिए जल्द ही 'युवा सृजन' पत्रिका की टीम का नये सिरे से गठन किया जाएगा. पुस्तकालय टीम वर्ष भर होने वाले कार्यक्रमों और उनसे जुड़ी सामग्री को व्यवस्थित रूप से संकलित करने की तैयारी में जुटी है.

Madhepura News: कई गणमान्य लोगों ने सराहा कार्यक्रम

डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने बताया कि आजाद पुस्तकालय के स्थापनोत्सव कार्यक्रम को विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव, बीएनएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. आरके पी रमण, पूर्व जिला जज राम लखन सिंह यादव, पश्चिम बंगाल में कमिश्नर (डिफेंस) वर्चस्व कुमार, एडीजे मीनाक्षी सहित कई गणमान्य लोगों से सराहना मिली है.

गणमान्य लोगों की सराहना से पुस्तकालय की टीम का उत्साह बढ़ा है. अब टीम स्थापनोत्सव को पूरे वर्ष चलाकर मधेपुरा से जुड़े अधिक से अधिक ऐतिहासिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं को सामने लाने की दिशा में काम करेगी.

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लेखक के बारे में

By कुमार आशीष

कुमार आशीष 15 वर्षों से प्रभात खबर समूह के साथ पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं. दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक और भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से जनसंचार में डिग्री प्राप्त करने के बाद इन्होंने राजनीति, अपराध और कोसी अंचल की रिपोर्टिंग में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पिछले पांच वर्षों से सक्रिय हैं. पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए इन्हें नेपाल में 'अंतरराष्ट्रीय मैथिली युवा पत्रकारिता सम्मान' से नवाजा जा चुका है.

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